भोपाल, 28 जून 2026: मध्य प्रदेश शासन के स्वास्थ्य विभाग में डॉ. रितेश तंवर और डॉ. हिमानी यादव जिस डॉक्यूमेंट के आधार पर प्रमोशन लेकर डिप्टी डायरेक्टर बने थे, विभागीय जांच में वह डॉक्यूमेंट गलत पाया गया है। अब डिपार्टमेंट के सीनियर ऑफिसर्स विचार कर रहे हैं कि दोनों को क्या सजा दिया जाए।
Departmental Inquiry Concludes Against Two Doctors in MP Health Department
छिंदवाड़ा जिले की परसवाड़ा विधानसभा से विधायक मधु भगत ने मुख्य सचिव और राज्य सरकार से शिकायत में आरोप लगाया कि दोनों ने 2017 में एम्स जोधपुर में मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ कोर्स में प्रवेश लिया था, लेकिन 27 फरवरी 2019 को एम्स की अनुशासन समिति की सिफारिश पर निष्कासित कर दिए गए। साथ ही स्पष्ट कर दिया गया था कि उन्हें डिग्री या अनुशंसा नहीं दी जाएगी। इसके बावजूद दोनों ने मध्य प्रदेश शासन को कोर्स पूरा हो जाने की जानकारी दी और इसके आधार पर प्रमोशन मांगा। दोनों को डिपार्टमेंट में डिप्टी डायरेक्टर बना दिया गया।
Dr Ritesh Tanwar and Dr Himani Yadav Found Guilty in MP Health Department Probe
आम आदमी की शिकायत होती तो डस्टबिन में डाल दी जाती लेकिन विधायक ने शिकायत की है इसलिए जांच करनी पड़ी। जब एम्स जोधपुर से पूछा गया तो उन्होंने जानकारी को सही बताया। 23 जून 2026 को, एम्स जोधपुर का जवाब, मध्य प्रदेश शासन को प्राप्त हो गया है। इसमें एम्स जोधपुर ने स्पष्ट किया कि दोनों को निष्कासित कर दिया गया था। दोनों के लिए कोई अनुशंसा नहीं की गई और दोनों को कोई डिग्री नहीं दी गई। इस प्रकार शिकायत सही पाई गई। अब डिपार्टमेंट के अधिकारी विचार कर रहे हैं कि दोनों को ऐसी कौन सी सजा दी जा सकती है। जिसके कारण विधायक भी संतुष्ट हो जाए और दोनों का करियर भी बच जाए।
Complaint against Deputy Director Dr. Himanshu Jaiswal is under investigation
विधायक भगत ने डिप्टी डायरेक्टर डॉ. हिमांशु जायसवार पर नियमों के विपरीत करोड़ों रुपए के बजट आवंटन, एयर एम्बुलेंस सेवा, आउटसोर्सिंग कार्यों में एओबी संस्था को भुगतान तथा वेक्टर-बोर्न डिजीज प्रोग्राम लंबे समय तक अपने पास रखने समेत अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। मामले की जांच चल रही है।

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