भोपाल, 4 जून 2026: लघु उद्योग भारती, मध्यप्रदेश द्वारा प्रदेशभर के उद्यमियों एवं औद्योगिक इकाइयों की समस्याओं के निराकरण हेतु किए जा रहे सतत प्रयासों को बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। 2 एवं 3 जून को संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न विभागों के मंत्रियों, प्रमुख सचिवों एवं वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट कर उद्योग, कृषि प्रसंस्करण, ऊर्जा, वेयरहाउसिंग, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान कई वर्षों से लंबित विषयों के निराकरण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई तथा अनेक मामलों में त्वरित निर्णय लिए गए।
Laghu Udyog Bharati Efforts Pave Way for Resolution of 15-Year-Old Pending Cases
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महामंत्री श्री अरुण सोनी, मध्य भारत प्रांत अध्यक्ष श्री शोभरन सिंह तोमर, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री मनीष पटेल, मालवा प्रांत उपाध्यक्ष श्री संजय व्यास, सचिव श्री विनोद नायर, भोपाल इकाई सचिव श्री नीरज शर्मा, मध्य भारत प्रांत महिला प्रभारी श्रीमती रश्मि गुर्जर, भोपाल इकाई कोषाध्यक्ष श्री राकेश अवस्थी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती उमा शर्मा, मध्य भारत प्रांत सचिव श्री देवेंद्र श्रीवास्तव एवं वरिष्ठ उद्यमी सरदार इंद्रजीत सिंह सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं उद्यमी प्रतिनिधि सम्मिलित रहे।
इस दो दिवसीय प्रवास का सबसे महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक पड़ाव माननीय एमएसएमई मंत्री श्री चैतन्य काश्यप के निवास पर आयोजित लगभग पांच घंटे की मैराथन उच्चस्तरीय बैठक रही, जिसमें उद्योग आयुक्त श्री दिलीप कुमार (आईएएस) सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में प्रदेशभर से प्राप्त उद्योगों एवं उद्यमियों की समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा की गई तथा कई महत्वपूर्ण विषयों पर मौके पर ही निर्णय लिए गए।
बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि कटनी के बरगवां औद्योगिक क्षेत्र से संबंधित 15 वर्षों से अधिक समय से लंबित नक्शा संशोधन प्रकरण के निराकरण हेतु तत्काल कार्रवाई के निर्देश रहे। इसके अतिरिक्त वर्षों से लंबित विभिन्न लीज प्रकरणों, औद्योगिक क्षेत्रों की अधोसंरचना संबंधी समस्याओं तथा अन्य प्रशासनिक मामलों के समाधान का मार्ग भी प्रशस्त हुआ। उद्यमियों ने इसे प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताया है।
माननीय मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, नाली एवं जलापूर्ति जैसी आधारभूत सुविधाओं के विकास, एक्सपोर्ट फ्रेट सब्सिडी से संबंधित तकनीकी समस्याओं के समाधान, भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन करने, लंबित लीज प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, एमएसएमई प्रोत्साहन योजनाओं के अंतर्गत अनुदान राशि के भुगतान तथा टेंडर प्रक्रिया में सुधार संबंधी विषयों पर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही कई नीतिगत विषयों पर भी सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंसाना, कृषि सचिव श्री निशांत वरवड़े (आईएएस) एवं मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री कुमार पुरुषोत्तम (आईएएस) के समक्ष दाल मिल एवं राइस मिल उद्योग से जुड़े विषय रखे। निवेश प्रोत्साहन एवं एमएसएमई विभाग के प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र सिंह (आईएएस), ऊर्जा सचिव श्री विशेष गढ़पाले (आईएएस), एमपीडब्ल्यूएलसी अध्यक्ष श्री संजय नागाइच, मुख्यमंत्री के विशेष सलाहकार श्री अशोक कड़ेल, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गौतम टेटवाल, प्रमुख सचिव श्री मनीष सिंह (आईएएस), श्री बसंत कुर्रे (आईएएस) एवं श्री गिरीश शर्मा (आईएएस) से भी विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
लघु उद्योग भारती ने माननीय एमएसएमई मंत्री श्री चैतन्य काश्यप, विभिन्न विभागों के मंत्रियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों एवं शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के उद्यमियों की वर्षों पुरानी समस्याओं के निराकरण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण एवं सकारात्मक पहल है। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया कि इन निर्णयों से प्रदेश में उद्योगों के विकास, निवेश वृद्धि, रोजगार सृजन एवं उद्यमिता को नई गति प्राप्त होगी।
रिपोर्ट: प्रवीण चित्रांश, मध्य भारत प्रांत मीडिया प्रभारी, लघु उद्योग भारती, मध्यप्रदेश

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