भोपाल, 8 जून 2026: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), भोपाल की एक जांच और कार्रवाई में बड़ा खुलासा हुआ है। अलीराजपुर के पूर्व जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया ने अपनी पूरी नौकरी के दौरान 2 करोड़ रुपए वेतन भत्ते कमाए, जबकि उनके पास 18 करोड़ से अधिक की संपत्ति पाई गई। श्री भदौरिया ने यह कमाल कैसे किया, यह जानने के लिए ईडी ने उनकी सारी संपत्ति अधिग्रहित कर ली है।
ED Bhopal Seizes Assets of Dharmendra Singh Bhadauria Former Excise Officer in Alirajpur
धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए, प्रवर्तन निदेशालय ने उनकी लगभग 18.20 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त (Provisionally Attached) कर लिया है। यह कार्रवाई उन पर लगे आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के आरोपों के बाद की गई है।
Corruption Charges and PMLA Investigation Against Dharmendra Singh Bhadauria MP
धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) और 13(1)(बी) के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की गई थी। धर्मेंद्र सिंह भदौरिया आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच में ईडी ने पाया कि उन्होंने और उनके परिवार ने कथित रूप से भ्रष्टाचार के माध्यम से भारी धन अर्जित किया है। यह मामला भ्रष्टाचार और काले धन को सफेद करने की गंभीर धाराओं के अंतर्गत आता है।
Disproportionate Assets Analysis: 459 Percent Higher Than Legitimate Income Source
जांच की अवधि (1987 से अगस्त 2025 तक) के दौरान यह पाया गया कि धर्मेंद्र सिंह भदौरिया ने अपनी ज्ञात आय के मुकाबले कई गुना अधिक संपत्ति अर्जित की। आंकड़ों के अनुसार, उनकी वैध आय लगभग 2 करोड़ रुपये थी, लेकिन उन्होंने और उनके परिवार ने लगभग 11.18 करोड़ रुपये की संपत्ति बनाई और खर्च किए। इसके परिणामस्वरूप, लगभग 9.18 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति (Disproportionate Assets) का खुलासा हुआ, जो उनकी वैध आय से लगभग 459% अधिक है। इसके बाद हुई जांच में चल अचल संपत्ति की संख्या तेजी से बढ़ती चली गई। अब तक की जांच में कुल 18.20 करोड़ की संपत्ति का पता चल चुका है।
Recovery of Gold Bars Cash and Silver Jewelry During ED Raid on Bhadauria
ईडी की छापेमारी और तलाशी अभियान के दौरान, धर्मेंद्र सिंह भदौरिया और उनके परिवार से जुड़े बैंक लॉकरों और विभिन्न परिसरों से भारी मात्रा में कीमती सामान बरामद किया गया। जांच एजेंसी ने भारी नकदी, सोने के आभूषण, सोने की ईंटें (Gold Bars), और चांदी के गहने सहित कई अन्य मूल्यवान वस्तुएं जब्त की हैं। हालांकि भदौरिया ने इन संपत्तियों पर अपना मालिकाना हक स्वीकार कर लिया, लेकिन वे इनके अधिग्रहण के संबंध में कोई विश्वसनीय स्पष्टीकरण या सहायक दस्तावेजी सबूत पेश करने में विफल रहे।
Why ED Seized Assets Linked to Former Excise Officer Dharmendra Singh Bhadauria in Alirajpur
आगे की जांच में भदौरिया परिवार के पास उच्च मूल्य की चल और अचल संपत्तियों का पता चला, जिनका स्रोत वैध आय के अनुपात में नहीं था। तदनुसार, ईडी ने PMLA, 2002 की धारा 5(1) के तहत कुल 18.20 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अटैच कर लिया है ताकि उन्हें छिपाने या हस्तांतरित करने से रोका जा सके। इसकी जानकारी अब लोकायुक्त के विशेष कार्यकारी प्राधिकरण (SPE) के साथ भी साझा की जा रही है।
Technical Update and Ongoing Investigation Status in Bhadauria Asset Case
वर्तमान में इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की जांच जारी है और आने वाले समय में और भी खुलासे होने की उम्मीद है।

.webp)