आयुक्त महोदय, लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश, भोपाल। महोदय, सविनय निवेदन है कि हम मध्यप्रदेश के अतिथि शिक्षक एवं अतिथि शिक्षक पद के पात्र अभ्यर्थी हैं। वर्षों से प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में अपनी सेवाएँ देकर शिक्षा व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। वर्तमान स्कोर कार्ड प्रणाली में हमारी योग्यता एवं अनुभव का समुचित मूल्यांकन नहीं हो पा रहा है।
शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) शिक्षकीय दक्षता का प्रमाण है। अतः टीईटी में प्राप्त अंकों को अतिथि शिक्षक स्कोर कार्ड में उचित वेटेज के साथ जोड़ा जाना न्यायसंगत होगा, जिससे योग्य एवं मेधावी अभ्यर्थियों को समान अवसर प्राप्त हो सकें। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि पात्रता परीक्षा में जिन अभ्यर्थियों के 75 अंक हैं, उन्हें भी 30 अंक प्रदान किए गए हैं तथा जिनके 120 अंक या उससे अधिक अथवा कम हैं, उन्हें भी 30 अंक दिए गए हैं। इस प्रकार अंक निर्धारण में समानता एवं पारदर्शिता का अभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
इसके अतिरिक्त, कई अतिथि शिक्षक लगातार अनेक वर्षों से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। वर्तमान में केवल 4 अंक अधिकतम 5 वर्षों के लिए दिए जा रहे हैं, जबकि अनेक अतिथि शिक्षक 18 वर्षों से अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। ऐसे में अनुभव के वास्तविक महत्व को देखते हुए कम से कम 10 वर्षों तक के अनुभव के लिए अंक प्रदान किए जाने चाहिए, ताकि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के साथ न्याय हो सके। इससे अनुभवी शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं न्यायपूर्ण बनेगी तथा विद्यालयों को अनुभवी शिक्षकों का लाभ मिलता रहेगा।
इसके अतिरिक्त, कई अतिथि शिक्षक लगातार अनेक वर्षों से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। वर्तमान में केवल 4 अंक अधिकतम 5 वर्षों के लिए दिए जा रहे हैं, जबकि अनेक अतिथि शिक्षक 18 वर्षों से अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। ऐसे में अनुभव के वास्तविक महत्व को देखते हुए कम से कम 10 वर्षों से लेकर अधिकतम 18 वर्षों तक के अनुभव के लिए अंक प्रदान किए जाने चाहिए, ताकि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के साथ न्याय हो सके। इससे अनुभवी शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं न्यायपूर्ण बनेगी तथा विद्यालयों को अनुभवी शिक्षकों का लाभ मिलता रहेगा।
अतः हमारी विनम्र मांगें निम्नानुसार हैं:-
अतिथि शिक्षक स्कोर कार्ड में टीईटी के प्राप्त अंकों को शामिल किया जाए।
पात्रता परीक्षा के अंकों के निर्धारण में समानता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
अतिथि शिक्षक के अनुभव के लिए वर्तमान 5 वर्षों की सीमा को बढ़ाकर कम से कम 10 वर्षों तक अंक प्रदान किए जाएँ।
लंबे समय से सेवा दे रहे अतिथि शिक्षकों, विशेषकर 18 वर्षों तक कार्यरत शिक्षकों, के अनुभव को उचित वेटेज दिया जाए।
उक्त संशोधनों को आगामी अतिथि शिक्षक चयन प्रक्रिया में लागू किया जाये।
हमें पूर्ण विश्वास है कि आप प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षकों एवं पात्र अभ्यर्थियों के हित में सकारात्मक निर्णय लेकर शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने का कार्य करेंगे।
सधन्यवाद: समस्त अतिथि शिक्षक एवं पात्र अभ्यर्थी, मध्यप्रदेश।

.webp)