भोपाल, 4 जून 2026: मध्यप्रदेश जनजातीय कार्यविभाग में भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारी को संरक्षण दिया जा रहा है। धार जिले की सरदारपुर तहसील के ग्राम गुमानपुरा स्थित पीएम श्री विद्यालय में एक ऐसे अधिकारी को प्राचार्य बना दिया गया है जिसे भ्रष्टाचार के आरोप में बीआरसी (खंड स्रोत समन्वयक) पद से हटाया गया था और अब तक विभागीय जांच में उसे निर्दोष घोषित नहीं किया गया है।
बुटसिंह भंवर को हाईकोर्ट ने राहत नहीं दी, लेकिन विभाग ने इनाम दिया
धार कलेक्टर के सामने मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान यह मामला प्रस्तुत किया गया। बताया कि बुटसिंह भंवर पूर्व में सरदारपुर विकासखंड में बीआरसी के पद पर कार्यरत थे। उन पर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद विभाग ने उन्हें पद से हटा दिया था। इस कार्रवाई के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था, लेकिन वहां से उन्हें कोई राहत नहीं मिली। इन सबके बावजूद उन्हें अब गुमानपुरा के पीएम श्री विद्यालय का प्रभारी प्राचार्य बनाकर कार्यभार सौंप दिया गया है।
कलेक्टर से शिकायत, CM हेल्पलाइन पर भी मामले लंबित
जनसुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता मुन्नालाल मारू ने कलेक्टर राजीव रंजन मीना को एक आवेदन सौंपा है। इसमें आरोप लगाया गया है कि बुटसिंह भंवर के खिलाफ वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़े कई मामले विचाराधीन हैं। इसके साथ ही उनके विरुद्ध सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायतें लंबित हैं। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि बीआरसी रहते हुए उन पर स्कूलों की मान्यता प्रक्रिया में भी भारी अनियमितता बरतने के आरोप लगे थे।
8 जनवरी को DPC ने की थी कार्रवाई की सिफारिश
जानकारी के मुताबिक, 8 जनवरी 2024 को जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) ने सहायक आयुक्त को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में बुटसिंह भंवर के खिलाफ कार्रवाई करने का सुझाव दिया गया था। इसके बावजूद कार्रवाई के बजाय उन्हें पीएम श्री विद्यालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थान का प्रभार दे दिया गया। शिकायतकर्ता का तर्क है कि जिस अधिकारी के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं की जांच चल रही हो, उसे इतनी महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपना अनुचित है।

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