Bhopal Samachar कर्मचारी बुलेटिन 30 जून: प्रमोशन, विरोध, TET, हाई कोर्ट, APAAR ID, ट्रांसफर, जाति प्रमाण पत्र, इत्यादि

Updesh Awasthee
भोपाल, 30 जून 2026:
 सरकारी कर्मचारियों के लिए पिछले 24 घंटे में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए। मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन से लेकर केंद्र में आठवां वेतन आयोग तक काफी कुछ हुआ है। स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग में, स्कूल शिक्षा और शिक्षकों से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण अपडेट है। मध्य प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति के नए नियम और अन्य कई महत्वपूर्ण समाचार हैं।

MP Government Employees Promotion News 2026 Latest Updates

मध्यप्रदेश सरकार ने पिछले 9 वर्षों से रुकी हुई पदोन्नति प्रक्रिया (Promotion Process) को फिर से शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है, जिससे प्रदेश के लगभग 2 लाख अधिकारियों और कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने 20 विभागों से वर्ष 2024 से 2029 तक रिक्त होने वाले पदों और उनके लिए पात्र कर्मचारियों की वरिष्ठता सूची (Seniority List) और पिछले 5 वर्षों का गोपनीय चरित्रावली (CR) ब्यौरा मांगा है। पदोन्नति के लिए 'मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025' के प्रावधानों के तहत एक नया आरक्षण फॉर्मूला तैयार किया गया है, जिसमें अनुसूचित जाति (SC) के लिए 16 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 20 प्रतिशत पद आरक्षित रहेंगे। हालांकि, सरकार अभी भी हाईकोर्ट के अंतिम फैसले का इंतज़ार कर रही है ताकि भविष्य में किसी कानूनी अवमानना (Contempt of Court) की स्थिति से बचा जा सके।

MP Tribal में शिक्षकों का विरोध और रिक्त पदों की गंभीर स्थिति

राजधानी भोपाल में जनजातीय कार्य विभाग के स्कूलों में हजारों रिक्त पदों को लेकर बेरोजगार शिक्षकों और वेटिंग लिस्ट के अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रानी कमलापति स्टेशन पर ही रोक लिया और कई वोकेशनल ट्रेनर्स (Vocational Trainers) को गिरफ्तार भी किया गया। ट्रायबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के अनुसार, हाल ही में हुए तबादलों के कारण कई स्कूलों में शिक्षकों की संख्या शून्य या बहुत कम हो गई है, जिससे नए सत्र की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। संगठन ने मांग की है कि नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक अतिथि शिक्षकों की तुरंत नियुक्ति की जाए।

मध्यप्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अगस्त में: 50 जिलों में बनेंगे परीक्षा केंद्र

कर्मचारी चयन मंडल (ESB) अगस्त में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) आयोजित करने की अंतिम तैयारियों में जुटा है। यह परीक्षा प्रदेश के 55 में से केवल 50 जिलों में आयोजित की जाएगी, क्योंकि नए बने जिलों में अभी परीक्षा का स्थायी ढांचा तैयार नहीं है। स्कूल शिक्षा विभाग ने 'समर्थ पोर्टल' (Samarth Portal) के माध्यम से शिक्षकों की पढ़ाई और ट्रेनिंग भी शुरू करवा दी है, जिसमें लगभग 1 लाख शिक्षकों के शामिल होने की संभावना है। परीक्षा की निगरानी और सफल संचालन की ज़िम्मेदारी संबंधित जिला कलेक्टरों को सौंपी गई है।

जबलपुर सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या घटी: नई शिक्षा नीति और निजी स्कूलों का आकर्षण

जबलपुर जिले के सरकारी स्कूलों में इस साल पहली कक्षा में प्रवेश लेने वाले बच्चों की संख्या में लगभग 7000 की भारी कमी देखी गई है। पिछले वर्ष जहां 31 हजार बच्चों ने प्रवेश लिया था, इस बार यह संख्या घटकर मात्र 24 हजार रह गई है। इसके पीछे प्रमुख कारण नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत प्रवेश के लिए 6 वर्ष की अनिवार्य आयु सीमा और अभिभावकों का निजी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की ओर बढ़ता रुझान बताया जा रहा है। स्थिति को सुधारने के लिए सरकार 'अर्ली वार्निंग सिस्टम' और 'चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम' जैसे तकनीकी कदम उठा रही है।

APAAR ID पंजीकरण में आधार और स्कूल रिकॉर्ड का मिसमैच बना बाधा

शहडोल जिले में छात्रों की डिजिटल पहचान (Digital Identity) यानी अपार आईडी बनाने का कार्य प्रभावित हो रहा है, जहां अब तक केवल 68 प्रतिशत आईडी ही बन पाई हैं। इस देरी का मुख्य कारण बच्चों के स्कूल रिकॉर्ड और आधार कार्ड के डेटा में मिसमैच होना है। जिला शिक्षा केंद्र को 30 जून तक शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन डेटा विसंगतियों के कारण लगभग 32 प्रतिशत छात्र अभी भी इस डिजिटल पहचान से वंचित हैं। इस आईडी के माध्यम से छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियां, परीक्षा परिणाम और छात्रवृत्ति का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जाना है।

प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार: मिड-डे मील से लेकर रिश्वतखोरी तक के मामले

भितरवार के शासकीय स्कूलों में बच्चों को परोसे जा रहे मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं, जहां बच्चों को कच्ची और जली हुई रोटियां और दाल के नाम पर केवल हल्दी-नमक का पानी दिया जा रहा है। वहीं, ग्वालियर में लोकायुक्त पुलिस ने एक महिला पटवारी और उसके पति के खिलाफ 15,000 रुपये की रिश्वत लेने के मामले में केस दर्ज किया है। इसके अलावा, अनूपपुर के सेवारा सेवारी हाई स्कूल में शिक्षकों द्वारा बच्चों से मजदूरी कराने और स्कूल समय से पहले बंद करने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

हाईकोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले: लीव एनकैशमेंट और अनुकंपा नियुक्ति पर स्पष्टीकरण

इंदौर हाईकोर्ट ने सहायक शिक्षकों के अवकाश नकदीकरण (Leave Encashment) के मामले में राज्य सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें उन्हें केवल 50 दिन का भुगतान किया गया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शिक्षक नियमानुसार 300 दिनों के भुगतान के पात्र हैं और विभाग को दो महीने के भीतर नए सिरे से गणना करने के निर्देश दिए हैं। एक अन्य मामले में, कोर्ट ने 8 साल बाद अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) की मांग करने वाले युवक की याचिका खारिज कर दी, यह कहते हुए कि इसका उद्देश्य परिवार को तत्काल आर्थिक संकट से उबारना है, न कि लंबे समय बाद रोजगार का विकल्प देना। 

महिला शिक्षक को सिर्फ चक्कर आया था, राहगीर ने ऐसा CPR दिया कि पसलियां टूट गई

मुरैना के कैलारस क्षेत्र में एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है, जहाँ तिलौंजरी हायर सेकेंडरी स्कूल की शिक्षिका ललिता धाकड़ (41) सड़क पर बेहोश होकर गिर गईं। उन्हें गिरता देख राहगीर पवन गुर्जर ने उसे दिल का दौरा (Heart Attack) समझकर इतनी तेजी से सीपीआर (CPR) दे दिया कि शिक्षिका की छाती की दो पसलियां टूट गईं। बाद में मेडिकल चेकअप में पता चला कि शिक्षिका को हार्ट अटैक नहीं, बल्कि केवल चक्कर आया था। डॉक्टरों ने इस घटना के बाद स्पष्ट किया है कि सीपीआर देने का एक निश्चित तरीका होता है और बिना जानकारी के ऐसा करना खतरनाक हो सकता है।

शिक्षा विभाग में अदालती अवमानना: टीकमगढ़ और छतरपुर में 71 मामले लंबित

टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं, जहाँ हाईकोर्ट के आदेशों का पालन न करने के कारण 71 अवमानना (Contempt) के मामले चल रहे हैं। अकेले टीकमगढ़ बीईओ कार्यालय में सबसे अधिक 32 मामले लंबित हैं, जिनमें शिक्षकों के वेतन वृद्धि (Increment), जीपीएफ (GPF), और अर्जित अवकाश के भुगतान जैसे मुद्दे शामिल हैं। कड़े रुख के बाद, जिला प्रशासन ने अब संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए तत्काल निराकरण के निर्देश दिए हैं।

जाति प्रमाण पत्र के अभाव में 84 बच्चों का भविष्य अधर में: झिरन्या का मामला

खरगोन जिले के झिरन्या ब्लॉक की नीमसेटी पंचायत में एक गंभीर प्रशासनिक और सामाजिक गतिरोध सामने आया है। यहाँ सरपंच द्वारा जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर न करने के कारण बरेली समाज के 84 बच्चों का भविष्य संकट में है। प्रमाण पत्र न होने से बच्चों को स्कूल और छात्रावासों (Hostels) में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। परेशान अभिभावक बच्चों को लेकर एसडीएम (SDM) कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्हें जल्द समाधान का आश्वासन दिया गया है।

शिक्षकों के तबादलों पर अनिश्चितता और रिलीविंग में देरी

प्रदेश में शिक्षकों के तबादलों (Transfers) को लेकर अभी भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है। गुना में 650 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से केवल 25 प्रतिशत के ही मंजूर होने की संभावना है। दूसरी ओर, खंडवा में जनजातीय कार्य विभाग की कार्यप्रणाली से शिक्षक आक्रोशित हैं। यहाँ जिले से बाहर तबादला होने वाले 61 शिक्षकों को रिलीव करने में विभाग ने 7 घंटे से अधिक का इंतजार कराया, जबकि जिले में आने वाले शिक्षकों की संख्या केवल 16 ही है, जिससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी होने का डर बना हुआ है।

8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) - सबसे महत्वपूर्ण अपडेट 

आयोग मंत्रालयों/विभागों से कर्मचारियों का डेटा एकत्र कर रहा है। कुल संख्या, रिक्तियाँ, सेवानिवृत्ति आंकड़े, इस्तीफे के ट्रेंड आदि। यह सिफारिशें तैयार करने के लिए जरूरी है। 
फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस (FMA) को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹3,000 करने पर आयोग विचार कर रहा है।
49वीं NC (JCM) बैठक के एजेंडे में शामिल: CGHS/CS(MA) नियमों के तहत मेडिकल खर्च की पूरी प्रतिपूर्ति, दांतों के इम्प्लांट/डेंचर का खर्च, परिवार पेंशन नियमों में बदलाव (विकलांग बच्चों के लिए), MACP मुद्दे आदि।
अतिरिक्त पेंशन और FMA बढ़ाने पर संसदीय समिति की सिफारिशें भी एजेंडे में। 
नोट: मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तारीख 15 जून 2026 थी (पहले बढ़ाई गई थी)। अब आयोग डेटा संग्रह और क्षेत्रीय परामर्श कर रहा है। 

Dearness Allowance (DA) संबंधी अपडेट 

वर्तमान DA: जनवरी 2026 से 60% (अप्रैल 2026 में 2% बढ़ाया गया था)। जुलाई 2026 DA की उम्मीद: AICPI-IW डेटा (अप्रैल आदि) के आधार पर 63% तक बढ़ने की संभावना (3% हाइक)। मई-जून के आंकड़े आने के बाद अंतिम फैसला होगा। अभी कोई आधिकारिक घोषणा या कैबिनेट अप्रूवल नहीं हुआ है। 

मध्य प्रदेश अनुकंपा नियुक्ति के नए नियम 

सरकार नए ड्राफ्ट पर काम कर रही है। अनुकंपा नियुक्ति पाने वाला व्यक्ति (जैसे मृत कर्मचारी का बेटा) अगर नौकरी मिलने के बाद परिवार/माता-पिता से अलग हो जाता है या जिम्मेदारी नहीं निभाता, तो उसकी नौकरी समाप्त की जा सकती है। उद्देश्य: अनुकंपा नियुक्ति का पूरा लाभ जरूरतमंद परिवार को मिले।

अन्य महत्वपूर्ण/संबंधित खबरें 

CBI कार्रवाई (30 जून अपडेट): रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी (लगभग 20 लाख रुपये) के मामले में CBI ने FIR दर्ज की। अज्ञात सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ मामला, मुख्य आरोपी के नाम का जिक्र। रेल मंत्रालय की मंजूरी के बाद जांच शुरू। 
CPCT परीक्षा की अनिवार्यता हटाने या नियम सरल बनाने पर भी विचार।
आउटसोर्स्ड/HRTC कर्मचारियों के आंदोलन/हड़ताल से जुड़ी चर्चा (CITU का समर्थन, नौकरी सुरक्षा और समान वेतन की मांग)। 

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