भोपाल, 25 जून 2026: नरेला विधानसभा क्षेत्र में, 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान जिस बिल्डिंग को कांग्रेस पार्टी का चुनाव कार्यालय बनाया गया था, नगर निगम ने बुलडोजर चला कर उसको तोड़ दिया है। नगर निगम का कहना है कि यह मामला चुनाव के पहले से सुनवाई में था, फैसला आने के बाद आदेश के अनुसार कार्रवाई हुई है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि यह सब कुछ भाजपा के इशारे पर हुआ है।
नरेला विधानसभा: विश्वास सारंग और मनोज शुक्ला की टक्कर
भोपाल की नरेला विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी की ओर से विश्वास सारंग (वर्तमान में कैबिनेट मंत्री) और कांग्रेस पार्टी की ओर से मनोज शुक्ला ने 2023 का विधानसभा चुनाव लड़ा था। अशोका विहार 80 फीट रोड पर स्थित चार मंजिला इमारत को कांग्रेस कैंडिडेट का चुनाव कार्यालय बनाया गया था। चुनाव के समय भी नगर निगम ने एक नोटिस दिया था। तब चुनाव आयोग ने नोटिस देने वाले इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया था। इस चुनाव में विश्वास सारंग जीत गए थे लेकिन मनोज शुक्ला को भी अच्छे वोट मिले थे। मनोज शुक्ला अभी भी नरेला विधानसभा से चुनाव 2028 की तैयारी कर रहे हैं। चुनाव के लिए सिर्फ ढाई साल बच्चा है। नरेला विधानसभा क्षेत्र में विश्वास सारंग और मनोज शुक्ला के बीच अभी से तगड़ी टक्कर देखी जा रही है।
Bulldozer Action at Congress Election Office in Bhopal, Civic Body Cites Illegal Construction
नगर निगम के प्रभारी चीफ सिटी प्लानर नीरज आनंद लिखार ने इस बारे में कहा कि प्लॉट के मालिक अतीक अहमद ने साल 2022 में खुद के रहने के लिए मकान बनाने की अनुमति ली थी। नक्शा स्वीकृत किया गया। नक्शे के तहत बिल्डिंग में बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर समेत चार मंजिला भवन बनना था। 2024 में निगम को लिखित शिकायत मिली कि अनुमति से कहीं ज्यादा निर्माण किया जा रहा है। जिसके बाद निगम ने नियम के तहत नोटिस जारी किया था। उन्हें निर्माण से जुड़े दस्तावेज पेश करने का समय दिया गया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में 29 मई 2026 को अंतिम सुनवाई की गई। जिसके बाद फाइनल स्पीकिंग (ध्वस्तीकरण) का आदेश जारी किया गया। अंतिम सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई की गई।
उन्होंने आगे कहा कि नगर निगम की जांच में पता चला कि पूरी बिल्डिंग में नियमों का उल्लंघन किया गया था। नाप-जोख में बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर के साथ-साथ दूसरे, तीसरे और चौथे फ्लोर पर कुल 393 वर्ग मीटर यानी करीब 4230 वर्ग फीट का निर्माण अवैध पाया गया, जिसे बुलडोजर की मदद से तोड़ दिया गया है।
प्रशासन को आशंका थी कि भवन तोड़े जाने को लेकर बिल्डिंग के मालिक के लोगों द्वारा विरोध हो सकता है, लिहाजा भारी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया था।
कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला का बयान
नरेला विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे मनोज शुक्ला ने इस बारे में कहा कि नगर निगम ने बीजेपी के दबाव में पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की है। अतीक अहमद की गैर-मौजूदगी में नाप-जोख कर वैध हिस्से को अवैध घोषित कर दिया। अतीक अहमद खुद उस हिस्से को गिरा रहे थे लेकिन बीजेपी के दबाव में निगम अधिकारियों ने बुलडोजर चला दिया।

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