Twisha Sharma Update 27 May: उसके भाई की शादी के बाद टेंशन शुरू हुआ, समर्थ ने बताया

Updesh Awasthee
भोपाल, 27 मई 2026:
ट्विशा शर्मा मामले में समर्थ सिंह पुलिस रिमांड में है। उसने पूछताछ के दौरान ट्विशा शर्मा के साथ चल रहे टेंशन के बारे में बताया। इधर सीबीआई ने समर्थ को घटनास्थल पर ले जाकर सेन रीक्रिएट किया। हत्या या आत्महत्या के दावों के बीच में अभी तक किसी भी पक्ष को मजबूत करने के लिए कोई प्रमाण नहीं मिला है।

Twisha Sharma Case: Tension Began After Her Brother’s Wedding, Says Samarth

पूछताछ में समर्थ ने कहा कि उसका और ट्विशा का रिश्ता तनावपूर्ण था, लेकिन उसने किसी भी तरह की शारीरिक हिंसा नहीं की। उसने माना कि दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे, लेकिन दावा किया कि यह वैवाहिक तनाव का हिस्सा था, घरेलू हिंसा नहीं। समर्थ के मुताबिक, मार्च तक उनकी शादी सामान्य थी, लेकिन ट्विशा के भाई की शादी के बाद तनाव बढ़ने लगा। जांचकर्ताओं ने समर्थ से पूछा कि ट्विशा से उसकी पहली मुलाकात कैसे हुई, शादी से पहले दोनों कितने समय तक दोस्त रहे और शादी के पांच महीने के भीतर क्या बदल गया।

समर्थ ने बताया- ट्विशा को बाइपोलर डिसऑर्डर था

ट्विशा के वॉट्सएप मैसेज से पता चला है कि समर्थ ने उनकी गर्भावस्था पर सवाल उठाए थे। बच्चे के पितृत्व पर भी संदेह जताया था। यह समर्थ के उस दावे के विपरीत है, जिसमें उसने कहा कि वह और उसकी मां बच्चा चाहते थे, जबकि गर्भधारण के बाद से ट्विशा मानसिक तनाव में थीं। समर्थ ने पुलिस को बताया- मैं और मेरी मां बच्चा चाहते थे, लेकिन गर्भ ठहरने के बाद से ही ट्विशा तनाव में रहने लगी थीं।

ट्विशा के परिवार का आरोप है कि गर्भावस्था से जुड़े विवाद के बाद ही उनका मानसिक इलाज और दवाएं शुरू हुईं। इस दौरान ट्विशा का वजन लगभग 15 किलो कम हो गया था। पुलिस ने समर्थ से पूछा कि क्या ट्विशा के परिवार को इस कथित मानसिक उपचार की जानकारी दी गई थी, इलाज कब शुरू हुआ और शादी के कुछ महीनों के भीतर उन्हें मनोचिकित्सक के पास ले जाने की जरूरत क्यों पड़ी।

समर्थ ने कहा कि ट्विशा को दी जाने वाली नींद की गोलियां डॉक्टर की सलाह पर तनाव कम करने के लिए दी जाती थीं। अब CBI जांच करेगी कि यह इलाज चिकित्सकीय रूप से कितना उचित था, क्या ट्विशा की सहमति ली गई थी और क्या उनके परिवार को इससे अनजान रखा गया था।

हाई कोर्ट में गिरिबाला की सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित 

जबलपुर हाईकोर्ट में रिटायर्ड जज एवं ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने के लिए जो याचिका दाखिल की गई थी, दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है। हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। वकीलों की बहस के दौरान एक बड़ा पॉइंट यह सामने आया कि, घटना के बाद 3 दिन तक गिरिबाला सिंह जो स्वयं रिटायर्ड जज है और समर्थ सिंह घर पर थे और घटनास्थल वाला कैमरा उनके अधिपत्य में था। मतलब इस दौरान उन्होंने सबूत से छेड़छाड़ की होगी, इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हाई कोर्ट को यह भी बताया गया की जमानत मिलने के बाद भी गिरिबाला सिंह ने जांच को प्रभावित करने और सबूत को नष्ट करने का प्रयास किया होगा। हाई कोर्ट के सामने सवाल यह है कि अब जबकि मामला सीबीआई के पास चला गया है और घटनास्थल को सील कर दिया गया है, क्या गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत को रद्द करना चाहिए?

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