शिवपुरी में नियमित कर्मचारियों की लापरवाही से आउटसोर्स कर्मचारियों की मौत

Updesh Awasthee
ललित मुद्गल, शिवपुरी, 14 मई 2026:
बात नई नहीं है लेकिन अब इसी तरह से कहना पड़ेगा। बिजली कंपनी में परमानेंट कर्मचारियों की लापरवाही के कारण आउटसोर्स कर्मचारी की मौत हो गई। यह कोई पहली घटना नहीं है और शायद आखरी भी नहीं है। इस तरह की घटनाओं की संख्या बढ़ रही है क्योंकि एक व्यक्ति की मौत हो जाने के बाद भी नियमित कर्मचारियों को बर्खास्त नहीं किया जाता। जो बिजली कंपनी, एक यूनिट बिजली चोरी को गंभीर अपराध मानती है, वहीं बिजली कंपनी आउटसोर्स कर्मचारी की मौत हो जाने पर नियमित कर्मचारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा भी दर्ज नहीं करती। 

Outsourced Employees Die in Shivpuri Due to Alleged Negligence of Regular Staff

जानकारी के अनुसार जोराई निवासी 35 वर्षीय हरी वल्लभ धाकड़ पुत्र रामस्वरूप बिजली कंपनी में आउटसोर्स कर्मचारी था। मंगलवार शाम करीब 4 बजे वह गाजीगढ़ फीडर पर खराब बिजली लाइन ठीक करने के लिए खंभे पर चढ़ा था। परिजनों का कहना है कि हरी बल्लभ विभाग से परमिट लेने के बाद ही लाइन पर काम करने गया था। नियम के मुताबिक परमिट जारी होने के बाद बिजली सप्लाई बंद रहती है, लेकिन काम के दौरान अचानक लाइन में करंट दौड़ गया। 

करंट लगते ही वह खंभे से नीचे गिर पड़ा। घटना के बाद परिजन उसे इलाज के लिए ग्वालियर लेकर पहुंचे, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में बैराड़ वितरण केंद्र द्वितीय के जेई राजीव सिंह रावत ने कहा कि परमिट के बाद कहां चूक हुई, इसकी जांच की जा रही है। जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

हरी बल्लभ की मौत के बाद गाजीगढ़ सब-स्टेशन पर तैनात ऑपरेटर की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का कहना है कि जब लाइन पर काम के लिए परमिट जारी किया गया था, तो फिर बिजली सप्लाई किसने चालू की। हादसे के बाद बिजली कंपनी के अधिकारी केवल जांच की बात कह रहे हैं, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद ऑपरेटर का नाम सामने नहीं ला रहे। इससे पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े हो गए हैं।

Negligence by Permanent Employees Blamed for Death of Outsource Workers in Shivpuri

मृतक के परिजनों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हरी बल्लभ को लाइन सुधारने के लिए खंभे पर भेजा गया, लेकिन उसके पास पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं थे। परिजनों के मुताबिक उसे न तो पूरी सेफ्टी किट दी गई थी और न ही सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए गए थे। आरोप है कि बिना सुरक्षा बेल्ट और अन्य उपकरणों के ही उसे लाइन पर चढ़ा दिया गया। ऐसे में करंट लगने के बाद वह सीधे नीचे जमीन पर गिर पड़ा। परिजनों ने मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

बिजली कंपनी के एसई का बयान
दिनेश सुखीजा, एसई, विद्युत वितरण कंपनी, शिवपुरी का कहना है कि, मामले की जांच डीई बघेल से कराई जा रही है। घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्ति की जांच की जा रही है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। दिनेश सुखीजा कहते हैं कि हम सभी कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराते हैं। यदि कर्मचारी ने सुरक्षा उपकरण नहीं पहने थे तो यह गंभीर लापरवाही है। 

अपनी मौत के लिए आउटसोर्स कर्मचारी जिम्मेदार?

दिनेश सुखीजा, एसई, विद्युत वितरण कंपनी, शिवपुरी का बयान अपने आप में स्पष्ट करता है कि, जांच शुरू होने से पहले ही कंपनी ने आउटसोर्स कर्मचारी को उसकी मौत के लिए जिम्मेदार मान लिया है। दिनेश सुखीजा अपने बयान में SOP की जानकारी दे रहे हैं लेकिन यह नहीं बता रहे हैं कि क्या उन्होंने हरि बल्लभ को सिक्योरिटी किट दी थी। यदि दी थी तो कब दी थी और यदि आउटसोर्स कर्मचारी सिक्योरिटी किट नहीं पहनते हैं तो उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। अब तक कितने कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सिक्योरिटी किट के बिना हरि बल्लभ को इलेक्ट्रिसिटी वायर के पास किसने जाने दिया। 

हादसे, नहीं सुधरे हालात
3 मई को इंदार थाना क्षेत्र के अम्हारा गांव में ट्रांसफार्मर सुधारने के दौरान रविंद्र यादव की करंट लगने से मौत हो गई थी, जबकि उसका भाई राजपाल घायल हो गया था। राजपाल ने बताया था कि गांव में तीन दिन से बिजली बंद थी। लाइनमैन से बात होने के बाद दोनों ट्रांसफार्मर ठीक करने चढ़े थे, तभी अचानक करंट दौड़ गया।

23 मार्च को दिनारा के सेंवड़ी गांव निवासी 26 वर्षीय हरज्ञान उर्फ राजा कुशवाह उपभोक्ता की लाइन सुधारने गया था। लाइन बंद कराने के बाद काम के दौरान उसे 11 केवी लाइन से करंट लग गया। इलाज के दौरान 7 अप्रैल को झांसी में उसकी मौत हो गई। 

25 जनवरी को नौहरीकलां निवासी दीपक कुशवाह बदरवास फोरलेन पर बिजली ठेकेदार के साथ काम कर रहा था। ठेकेदार ने लाइन बंद होने की बात कहकर उसे खंभे पर चढ़ा दिया। ऊपर पहुंचते ही दीपक को करंट लग गया और वह नीचे गिर पड़ा। हादसे के बाद से दीपक अब तक कोमा में है। 

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