एजुकेशन एंड करियर न्यूज डेस्क, 16 मई 2026: ध्रुव राठी को कौन नहीं जानता। यूट्यूब पर भारत में सबसे लोकप्रिय स्टोरी टेलर है। 3.21 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं और अकेले यूट्यूब से करोड़ों रुपए की कमाई करता है। इसके बाद भी इसका लालच देखिए। जिन बच्चों का नीट का पेपर कैंसिल हुआ है, उनको बोल रहा है कि अपने पास PLAN-B अथवा PLAN-C रखिए। और इसके लिए उसकी पीडीएफ खरीद लीजिए।
NEET के 20 लाख पीड़ित अभ्यर्थियों को ग्राहक बनाने की साजिश
हाल ही में ध्रुव राठी का एक नया वीडियो आया है। टाइटल है How NEET Exam Was SOLD for ₹30 Lakhs | The Complete Trail | Dhruv Rathee, आपने भी देखा होगा। यदि नहीं देखा तो लिंक पर क्लिक करके देख सकते हैं। 12.34 मिनट के वीडियो में ध्रुव राठी सबसे पहले अपने अंदाज में बताता है कि देखो कितना अन्याय हुआ है इसके बाद ठीक 2:30 मिनट पर ध्रुव राठी चुपके से अपनी चाल चलता है। कहता है की लाइफ में PLAN-B अथवा PLAN-C होना चाहिए। फिर मोटिवेट करता है कि इसके लिए मेरी एक पीडीएफ फाइल खरीद लो। यह केवल ₹9 की है।
जरा सोचिए कितनी चतुराई के साथ NEET के 20 लाख अभ्यर्थियों को दोबारा होने वाले पेपर की तैयारी करने के लिए मोटिवेट करने के स्थान पर ध्रुव राठी अपनी पीडीएफ बेच रहा है। एक पीडीएफ ने NEET की पूरी परीक्षा कैंसिल करवा दी और अब यह दूसरी पीडीएफ अभ्यर्थियों के ध्यान म भटकाने का काम करेगी। जो अभ्यर्थी ध्रुव राठी को सुनेंगे और उसके आकर्षण में इस पीडीएफ फाइल को खरीदेंगे। जरा सोचिए क्या वह पूरी लगन के साथ पेपर की तैयारी करेंगे? क्योंकि ध्रुव राठी ने उनको सिर्फ ₹9 में PLAN-B अथवा PLAN-C बेच दिया है।
ध्रुव राठी, एक ऐसा व्यक्ति जो यूट्यूब से हर महीने करोड़ों रुपए कमा रहा है। NEET के पीड़ित 20 लाख अभ्यर्थियों को अपनी पीएफ का ग्राहक बनाना चाहता है। यदि इसमें से सिर्फ 10 परसेंट, 200000 उम्मीदवारों ने भी ध्रुव राठी की पीडीएफ खरीद ली तो ध्रुव राठी को 18 लाख रुपए का फायदा होगा।
यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे हाईवे पर एक्सीडेंट में घायल लोगों की मदद करने के बजाय कोई उनके आभूषण और सामान चोरी करने का प्रयास करें। या फिर समस्या के समाधान के नाम पर अपनी दुकान का माल चिपकाने की कोशिश करे।
इस समय विद्यार्थियों को मोरल सपोर्ट की जरूरत है। उनको मोटिवेट करने की जरूरत है कि कोई बात नहीं, सारी परेशानियों को भूलकर एक बार फिर परीक्षा की तैयारी में लग जाइए। सरकार से संघर्ष करने के लिए उनके परिवार है। 20 लाख अभ्यर्थी मतलब 20 लाख परिवार, मतलब एक करोड़ लोग। घर के बाकी लोग पॉलिटिक्स कर लेंगे, विद्यार्थियों को पढ़ने दीजिए। लेकिन ध्रुव राठी के कहने का मतलब शायद यह है कि, NTA या अपनी सरकार पर भरोसा मत करो। PLAN-B या PLAN-C बनाओ। और इसके लिए मेरी पीडीएफ खरीदो।
एक वह शिक्षक है जिसने लीक हुआ पेपर देखकर अपना धर्म निभाया और शिकायत की। इसके लिए अपने पैसे खर्च किए और अपनी क्लास छोड़कर जांच एजेंसियों की मदद कर रहा है। एक ध्रुव राठी है, मूल रूप से कथावाचक है, कहानी सुनाता है लेकिन खुद को इनफ्लुएंसर समझता है, और NEET गैस पेपर कांड के पीड़ित 20 लाख अभ्यर्थियों को अपनी पीडीएफ बेचकर लगभग 20 लाख रुपए कमाना चाहता है। जरा सोचिए, क्या इस तरह की साजिश करने वाले को सच्चा या अच्छा इंसान कहा जा सकता है?

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