इंदौर, 9 मई, 2026: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने वैज्ञानिक अधिकारी (जीव विज्ञान) परीक्षा-2026 के लिए आधिकारिक परीक्षा योजना (Exam Plan) और विस्तृत पाठ्यक्रम (Syllabus) जारी कर दिया है। 8 मई 2026 को जारी इस अधिसूचना के अनुसार, फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए चयन प्रक्रिया और परीक्षा के स्वरूप को स्पष्ट कर दिया गया है।
परीक्षा का स्वरूप और अंक-योजना (Exam Pattern)
यह परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रकार (Objective Type) की होगी, जिसे OMR शीट आधारित ऑफलाइन पद्धति से आयोजित किया जाएगा। परीक्षा की कुल अवधि 3 घंटे की होगी और इसमें दो मुख्य खंड शामिल होंगे:
खंड 'अ' (सामान्य अध्ययन): इसमें मध्य प्रदेश के सामान्य ज्ञान से संबंधित 50 प्रश्न होंगे, जिनका कुल भार 150 अंक होगा।
खंड 'ब' (जीव विज्ञान): यह मुख्य विषय आधारित होगा, जिसमें 100 प्रश्न होंगे और यह 300 अंकों का होगा।
कुल लिखित परीक्षा: 450 अंक।
साक्षात्कार (Interview): लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए 50 अंकों का साक्षात्कार आयोजित किया जाएगा।
इस प्रकार, अंतिम मेरिट लिस्ट कुल 500 अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी।
Negative Marking & Qualifying Criteria
परीक्षा में ऋणात्मक मूल्यांकन (Negative Marking) का प्रावधान किया गया है। सही उत्तर के लिए 3 अंक दिए जाएंगे, जबकि प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1 अंक (3R-W पद्धति) काटा जाएगा।
चयन प्रक्रिया में बने रहने के लिए अभ्यर्थियों को दोनों खंडों ('अ' और 'ब') में पृथक-पृथक न्यूनतम 40% अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। मध्य प्रदेश के अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और दिव्यांगजन (PH) श्रेणी के उम्मीदवारों को न्यूनतम अंकों में 10% की छूट दी गई है, उनके लिए न्यूनतम उत्तीर्ण अंक 30% निर्धारित हैं।
Syllabus Highlights
खंड 'अ' (General Studies): इस खंड में मध्य प्रदेश का इतिहास, भूगोल, राजनीति और अर्थव्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है। इसके अलावा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा साइंस जैसे आधुनिक विषयों को भी शामिल किया गया है।
खंड 'ब' (Biology): यह खंड पूरी तरह से फॉरेंसिक जीव विज्ञान पर केंद्रित है। इसमें निम्नलिखित महत्वपूर्ण इकाइयाँ शामिल हैं:
- फॉरेंसिक जीव विज्ञान के मूल सिद्धांत और पारिस्थितिकी।
- DNA तकनीक और आणविक जीव विज्ञान: DNA प्रोफाइलिंग, PCR और जीनोम एडिटिंग (CRISPR-Cas)।
- फॉरेंसिक सेरोलॉजी: रक्त समूह प्रणाली और जैविक तरल पदार्थों का विश्लेषण।
- विष विज्ञान (Toxicology) और उन्नत विश्लेषणात्मक तकनीकें।
महत्वपूर्ण प्रक्रियाएँ
परीक्षा के बाद आयोग अपनी वेबसाइट पर प्राविधिक उत्तर कुंजी (Provisional Answer Key) प्रकाशित करेगा, जिस पर अभ्यर्थी 5 दिनों के भीतर अपनी आपत्तियाँ दर्ज करा सकेंगे। साक्षात्कार के लिए रिक्त पदों की संख्या से 3 गुना अभ्यर्थियों को बुलाया जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रणाली में पुनर्मूल्यांकन या पुनर्गणना (Re-evaluation) का कोई प्रावधान नहीं है।

.webp)