भोपाल, 18 मई 2026: मध्य प्रदेश में सुशासन और आधुनिक कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक दूरगामी पहल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को जमीन पर उतारते हुए, अब राज्य में मंत्रियों और अधिकारियों को वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल बैठकें करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
ईंधन की बचत और दक्षता पर फोकस
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के अनुसार, प्रधानमंत्री की अपेक्षाओं के अनुरूप पेट्रोल-डीजल के खर्च को कम करने और सार्वजनिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री की इस पहल का मुख्य उद्देश्य संसाधनों की बचत के साथ-साथ शासन की प्रक्रिया को और अधिक त्वरित और प्रभावी बनाना है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए, कोर टीम की आगामी आपातकालीन बैठकों को भी वर्चुअली आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
जवाबदेही और प्रदर्शन की नई परिभाषा
यह निर्देश मुख्यमंत्री द्वारा मंत्रियों के कामकाज की ली जा रही मैराथन समीक्षा के दौरान सामने आए। डॉ. यादव ने मंत्रियों के साथ वन-टू-वन चर्चा कर उनके विभागों की उपलब्धियों और चुनाव के समय जनता से किए गए वायदों की पूर्ति का विस्तृत हिसाब लिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि शासन का प्रभाव केवल कागजों पर नहीं, बल्कि समाज के सबसे निचले पायदान पर बैठे व्यक्ति को महसूस होना चाहिए।
फील्ड रिपोर्ट पर कड़ी नजर
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से उनके प्रभार वाले जिलों की जमीनी हकीकत पूछी। उन्होंने विशेष रूप से स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनवाड़ियों की स्थिति और वहां सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल किए। इसके साथ ही, संगठन के साथ तालमेल और कार्यकर्ताओं की सुनवाई को लेकर भी मंत्रियों की रिपोर्ट जांची गई।
प्रशिक्षण से सुधरेगा आचरण सुशासन के इस अभियान को और सशक्त करने के लिए मुख्यमंत्री कल निगम मंडलों के अध्यक्षों के साथ विशेष संवाद करेंगे। इस बैठक में उन्हें जनता के साथ समन्वय, आदर्श सार्वजनिक आचरण और प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने के महत्वपूर्ण "मंत्र" दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इन सख्त और आधुनिक कदमों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मध्यप्रदेश सरकार अब पर्यावरण के प्रति सजगता और प्रशासनिक पारदर्शिता के एक नए युग में प्रवेश कर रही है।

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