जबलपुर, 1 मई 2026: सिवनी जिले का हवाला कांड तो आपको याद ही होगा। इस मामले में पुलिस ने डीएसपी श्री पंकज मिश्रा, हेड कांस्टेबल श्री प्रमोद सोनी और जबलपुर के कारोबारी श्री पंजू गिरी गोस्वामी के खिलाफ मामला तो दर्ज किया था लेकिन सबूत एकत्रित नहीं किए। नतीजा हाई कोर्ट आफ मध्य प्रदेश द्वारा FIR को निरस्त करना पड़ा। हाई कोर्ट का कहना है कि इस मामले में कानून का दुरुपयोग किया गया है। बड़ी बात देखी कि श्री पंकज मिश्रा के खिलाफ दर्ज हुई FIR को निरस्त कर दिया गया है परंतु शिकायतकर्ता और इन्वेस्टिगेशन ऑफीसर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
MP News: FIR Against DSP Quashed by High Court Over Lack of Evidence
यह मामला 8 अक्टूबर 2025 को सिवनी में सामने आए हवाला कांड से जुड़ा है। उस समय डीएसपी पूजा पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सीलादेही चौक पर महाराष्ट्र के हवाला कारोबारी सोहनलाल परमार की कार से करीब 2.96 करोड़ रुपए नकद जब्त किए थे। आरोप था कि पुलिस टीम ने पूरी रकम जब्त की, लेकिन रिकॉर्ड में सिर्फ 1.45 करोड़ रुपए ही दिखाए गए। मामला सामने आने पर लखनवाड़ा थाना में एसडीओपी पूजा पाण्डेय, डीएसपी पंकज मिश्रा सहित 11 पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज किया गया था।
हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई जस्टिस हिमांशु जोशी की अदालत में हुई। कोर्ट ने पाया कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि आरोपियों के बीच पहले से कोई साजिश या आपसी समझौता था। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोप केवल शक और अनुमान पर आधारित हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) मात्र से अपराध सिद्ध नहीं होता। दोनों के बीच 24 घंटे में 81 बार बात हुई थी लेकिन पुलिस यह साबित करने में असफल रही कि दोनों के बीच में क्या बात हुई थी। न्यायालय ने कहा कि दोनों के बीच में बातचीत होना कोई अपराध नहीं है, जब तक की कोई कॉल रिकॉर्डिंग, चैटिंग का स्क्रीनशॉट या इस प्रकार का कोई दूसरा प्रमाण उपलब्ध न हो। न्यायालय ने कहा कि इस मामले में साजिश के आवश्यक तत्व मौजूद नहीं हैं। ऐसे में मुकदमा चलाना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 310(2), 126(2), 140(3), 61(2) और 238(b) के आवश्यक तत्व इन आरोपियों पर लागू नहीं होते, इसलिए चार्जशीट और सभी आपराधिक कार्यवाही रद्द की जाती है।
न्याय तो अब भी अधूरा है
डीएसपी श्री पंकज मिश्रा, हेड कांस्टेबल श्री प्रमोद सोनी और जबलपुर के कारोबारी श्री पंजू गिरी गोस्वामी के खिलाफ दर्ज की गई FIR और संबंधित कार्रवाई को निरस्त कर दिया गया है लेकिन यह केवल रहता है, इसको न्याय नहीं किया जा सकता। न्याय तो तब होगा जब उपरोक्त तीनों के खिलाफ शिकायत करने वाले और मामले की इन्वेस्टीगेशन करने वाले के खिलाफ भी कार्रवाई हो ताकि भविष्य में कोई किसी निर्दोष के खिलाफ सिर्फ कॉल डिटेल रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज करने की हिम्मत ना कर सके।

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