हजारों अतिथि शिक्षक एक बार फिर निराश वापस लौट गए, भोपाल में प्रदर्शन करने आए थे

Updesh Awasthee
भोपाल, 29 अप्रैल 2026
: स्कूल अतिथि शिक्षक संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में आज हजारों अतिथि शिक्षक मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एकत्रित हुए और जबरदस्त प्रदर्शन किया लेकिन नेतृत्व की कमी के कारण यह प्रदर्शन बिना किसी नतीजे के ही समाप्त हो गया। यहां तक की सरकार की ओर से कोई आश्वासन भी नहीं मिला। 

शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव से पहले घोषणाएं की थी

शिक्षकों का कहना है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व में जो वादे किए थे, वे आज तक कागजों से बाहर नहीं निकले हैं, जिससे हजारों अतिथियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि अतिथि शिक्षक 18 वर्षों से बेहद कम मानदेय पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें वह सम्मान और सुरक्षा नहीं मिली जिसके वे हकदार हैं। सरकार ने चुनावी समय में कई लुभावने वादे किए थे, जिन्हें अब तक ठंडे बस्ते में डाला हुआ हैं। इसी 'वादाखिलाफी' के विरोध में आज पूरे प्रदेश से शिक्षक अपनी आवाज बुलंद करने भोपाल पहुंचे हैं। अतिथि शिक्षकों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका संघर्ष जारी रहेगा। प्रदेश अध्यक्ष केसी पंवार ने बताया कि अतिथि शिक्षकों को 62 वर्ष की आयु तक पद पर बने रहने की अनुमति और 12 महीने का वार्षिक अनुबंध उनकी प्रमुख मांग हैं। 

सरकार के चुनावी वादे अधूरे

प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने बताया कि विधानसभा चुनाव से पहले सरकार द्वारा अतिथि शिक्षकों के लिए गुरुजियों की तरह नीति लागू करने, सीधी भर्ती में बोनस अंक देने और वार्षिक अनुबंध के माध्यम से भविष्य सुरक्षित करने का वादा किया गया था। लेकिन आज तक इन वादों पर अमल नहीं किया गया है। जिससे अतिथि शिक्षकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने यह भी कहां कि केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के वादें भी धरातल पर नहीं उतर पा रहे हैं। वरिष्ठ पदाधिकारी रामचंद्र नागर एवं प्रदेश अध्यक्ष केसी पवार ने बताया कि सरकार वार्षिक अनुबंध के वादे से पीछे हट रही है, जिसके कारण 30 अप्रैल के बाद लगभग सवा लाख अतिथि शिक्षक बेरोजगार होने की स्थिति में हैं। उन्होंने मांग की कि सीधी भर्ती, प्रमोशन एवं स्थानांतरण से प्रभावित अनुभवी अतिथि शिक्षकों को रिक्त पदों पर प्राथमिकता से समायोजित किया जाए। प्रदेश सचिव रविकांत गुप्ता ने ई-अटेंडेन्स प्रणाली में व्याप्त तकनीकी समस्याओं को तत्काल सुधारने की मांग की। उन्होंने बताया कि कई बार तकनीकी कारणों से ई-अटेंडन्स दर्ज नहीं हो पाती, जिसके कारण शिक्षको का मानदेय काट लिया जाता है। कई मामलों में सितंबर माह का मानदेय भी इसी कारण से लंबित है।

पुराने अतिथियों को नहीं मिल रहा अनुभव का लाभ

अतिथि शिक्षक बीएम खान ने भर्ती प्रक्रिया में व्याप्त विसंगतियों को लेकर कहां कि वर्ष 2008 से कार्यरत अतिथि शिक्षकों को उनके अनुभव का लाभ नहीं मिल रहा है। स्कोर कार्ड में केवल 5 वर्षों का अनुभव जोडा जा रहा है। जबकि इसे बढ़ाकर प्रतिवर्ष 10 अंक (अधिकतम 100 अंक) किया जाना चाहिए। साथ ही 2008 एवं 2011 की पात्रता परीक्षा के अंक भी जोडे जाना चाहिए। 

Thousands of Guest Teachers Return Disappointed After Protest in Bhopal

सन 2023 से 2026 तक, पिछले तीन सालों में अतिथि शिक्षकों ने कई प्रदर्शन किए, हर प्रदर्शन में हजारों अतिथि शिक्षक शामिल भी हुए परंतु आंदोलन को लीड करने वाले, संघर्ष करते हुए दिखाई नहीं दिए। हर बार मंच से भाषण देने के बाद में इवेंट समाप्त हो जाता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है। अतिथि शिक्षकों में पर्याप्त एकता है लेकिन जुझारू नेताओं की कमी के कारण ही स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, अतिथि शिक्षकों को शिक्षक के पद पर अतिक्रमणकारियों बोल पाते हैं। लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारी एक छोटा सा आदेश जारी करके 70000 अतिथि शिक्षकों को बिना किसी कारण के नौकरी से निकाल देते हैं।
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