जबलपुर, 14 मई 2026: हाई कोर्ट ऑफ़ मध्य प्रदेश ने विद्यालय की खराब परीक्षा परिणाम के आधार पर एक जन शिक्षक को उसके पद से हटाने के आदेश पर रोक लगा दी है। हाई कोर्ट ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आदेश दिया है कि वह इस मामले में 2 महीने के भीतर नियम के अनुसार कार्रवाई करें।
Madhya Pradesh High Court Stays Order Removing Jan Shikshak Over Poor Exam Results in Jabalpur
मप्र हाईकोर्ट में दायर याचिका अलका कोरी, प्रदीप पटेल बनाम मप्र शासन एव अन्य मामले में माननीय हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता गणों के पक्ष मैं अंतरिम आदेश पारित किया है। याचिकाकर्ता का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता सत्येंद्र ज्योतिषी ने बताया कि याचिकाकर्ता जनशिक्षक के पद पर-जन शिक्षा केंद्र शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चेरीताल जबलपुर में कार्यरत हैं। दिनांक 28-4-2026 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने आदेश पारित कर जनशिक्षक पद से हटाकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय जबलपुर अटेच कर दिया था। 28-4-26 के आदेश में उल्लेख है कि उक्त जन शिक्षक के प्रभार वाले स्कूल की कक्षा 5वी कक्षा 8वी का परीक्षा परिणाम संतोष जनक ना होने के कारण इन्हें पद से हटाने का आदेश पारित किया गया है।
यह आदेश पारित करने के पहले आवेदक गणों को ना कोई नोटिस दिया गया ना ही कोई सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया अत: यह आदेश प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के विपरीत है। जनशिक्षक का कार्य विद्यालय में मानिटरिंग का हैं ना की अध्यापन कार्य कराने का। सत्र 2025-2026 के असफल हुए छात्रो को पुनः परीक्षा करा कर परीक्षा परिणाम मैं सुधार होगा, अत: अभी इस आधार इसे ख़राब परीक्षा परिणाम कैसे मान सकते हैं। आवेदक गण जनगणना का कार्य भी देख रहें हैं। अत: इनकी पदस्थापना निरस्त करना उचित नहीं है।
ततपश्चात प्रार्थी गण ने न्यायालय के समक्ष याचिका दायर की थी, जिस पर माननीय न्यायालय ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए उक्त आदेश दिनांक 28-4-26 पर रोक लगा दी है एवं आवेदकों के पक्ष में अंतरिम राहत प्रदान की है तथा अनावेदक गणों को आदेशित किया है कि दो महीने के अंदर आवेदकों के प्रकरण पर गंभीरता से विचार कर हुए नियम अनुसार आदेश पारित करें, तब तक आवेदक गण पूर्व की संस्था पर कार्य करते रहेंगे। न्यायालय के समक्ष आवेदकों के पक्ष सतेंद्र ज्योतिषी एवं अभिषेक मिश्रा ने पक्ष रखा।

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