इंदौर, 16 मई 2026: स्वच्छता संवाद अभियान के तहत महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने शनिवार को शहर के विभिन्न व्यापारी संगठनों और व्यापारिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की। संवाद में व्यापारियों ने बड़े ही स्पष्ट शब्दों में शहर की स्थिति और भविष्य की जरूरत के बारे में नगर निगम के महापौर और अधिकारियों को बताया। इतना ही नहीं व्यापारियों ने इंदौर शहर की पुलिस व्यवस्था, आरटीओ और अन्य विभागों से संबंधित समस्याओं और उनके समाधान के बारे में भी बताया।
इंदौर के प्रमुख व्यापारी संगठन
- इंदौर पेट्रोल डीलर एसोसिएशन,
- सराफा बाजार एसोसिएशन,
- सराफा चौपाटी एसोसिएशन,
- छप्पन दुकान एसोसिएशन,
- गुरुनानक टिम्बर मार्केट एसोसिएशन,
- शास्त्री मार्केट व्यापारी संघ,
- इंदौर रेडीमेड एसोसिएशन,
- सियागंज व्यापारी एसोसिएशन,
- पालिका प्लाजा व्यापारी संघ,
- एमपी टिम्बर एसोसिएशन,
- नमकीन एवं मिठाई एसोसिएशन,
- शीतलमाता बाजार एसोसिएशन
सहित कई प्रमुख संगठन शामिल हुए।
इंदौर के व्यापारियों की डिमांड लिस्ट
Indore Business Community Shares Concerns and Expectations With Mayor - व्यापारी प्रतिनिधियों ने शहर के समग्र विकास को लेकर कई रचनात्मक सुझाव प्रस्तुत किए। इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे।
- सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और पेयजल समस्या के समाधान की मांग।
- प्रदूषण नियंत्रण के लिए वाहन मालिकों को पीयूसी (PUC) प्रमाणपत्र नवीनीकरण हेतु संदेश भेजने का सुझाव।
- नए वाहन चालकों के लिए ट्रैफिक और ड्राइविंग व्यवहार संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव।
- जल संरक्षण के लिए तालाबों के गहरीकरण के साथ-साथ चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने की आवश्यकता।
- सार्वजनिक स्थानों पर अतिरिक्त डस्टबिन लगाने की मांग।
- टिम्बर मार्केट में पानी की टंकी निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने की पेशकश।
- बिल्डरों द्वारा निर्माण स्थलों पर परियोजना की विस्तृत जानकारी प्रदर्शित करने का सुझाव, ताकि जवाबदेही बढ़े।
- सब्जी मंडियों में फल-सब्जियों की गुणवत्ता जांच को नियमित करने की मांग।
- छोटा सराफा, मोरसली गली और शक्कर बाजार क्षेत्र में प्रस्तावित सड़क कार्य शीघ्र प्रारंभ करने तथा अतिरिक्त सार्वजनिक शौचालय निर्माण का आग्रह।
महापौर बोले: 2050 की जरूरतों को ध्यान में रखकर हो रहा है विकास
महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि स्वच्छता संवाद के माध्यम से अब तक डॉक्टरों, सीए, वकीलों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और विभिन्न सामाजिक वर्गों से चर्चा की जा चुकी है। व्यापारी वर्ग के सुझाव शहर के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे इंदौर और देश के अन्य शहरों के अनुभवों की तुलना कर व्यावहारिक सुझाव देते हैं।
उन्होंने कहा कि नगर निगम जन्म से लेकर मृत्यु तक नागरिक जीवन से जुड़े अधिकांश कार्यों का संचालन करता है। इंदौर ने स्वच्छता के क्षेत्र में अपना अलग मॉडल विकसित किया है और अब सुशासन, आधारभूत ढांचे और दीर्घकालिक विकास पर तेजी से काम किया जा रहा है।महापौर ने बताया कि शहर की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए नर्मदा नदी के चौथे चरण की जल परियोजना पर कार्य जारी है, जिससे वर्ष 2050 तक की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा। यह परियोजना वर्ष 2029 तक पूर्ण होगी।
उन्होंने कहा कि नगर निगम केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इंदौर को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और टिकाऊ शहर के रूप में विकसित करने के लिए कार्य कर रहा है। महापौर के द्वारा व्यापारियों के सवालों की और सुझावों को भी ध्यान में रखते हुए एक-एक करके सभी विषय पर चर्चा भी की। रिपोर्ट: अजय दुबे, इंदौर।

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