मध्य प्रदेश जनगणना न्यूज़ - ग्वालियर में मक्कार सुपरवाइजरों के खिलाफ मामला दर्ज करने की आदेश

Updesh Awasthee
ग्वालियर, 02 मई 2026
: जनगणना के काम के लिए सरकारी कर्मचारी ना तो बना कर सकते हैं और ना ही किसी भी प्रकार का बहाना बना सकते हैं। ग्वालियर में इस प्रकार के सभी सुपरवाइजरों के खिलाफ भारतीय जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के तहत मामला दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। 

Gwalior Census Update: Orders Issued to Register Cases Against Alleged Fraud Supervisors

ग्वालियर नगर निगम के अपर आयुक्त मुनीश सिंह सिकरवार ने बताया कि निगम आयुक्त के निर्देश पर जनगणना कार्य की लगातार निगरानी की जा रही है। जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य 1 मई 2026 से शुरू हो चुका है। यह कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाना अनिवार्य है। निगरानी के दौरान पाया गया कि कुछ सुपरवाइजर और संबंधित कर्मचारी अपने कर्तव्यों से अनुपस्थित हैं। उन्हें क्षेत्रीय कार्यालय से बार-बार फोन के माध्यम से सूचित किया गया, लेकिन उन्होंने कार्य में रुचि नहीं दिखाई। कई मामलों में वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की भी अनदेखी की गई, जिसे गंभीर लापरवाही माना गया है।

अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के तहत कार्रवाई

इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस प्रावधान के अनुसार, जनगणना कार्य में बाधा डालने, सहयोग से इनकार करने या सौंपे गए कार्य को पूरा नहीं करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि अनुपस्थित सुपरवाइजरों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आने वाले दिनों में ऐसे मामलों में तेजी लाई जाएगी, ताकि अन्य कर्मचारियों में जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना बढ़े।

भारत की जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11, परिभाषा और सजा

जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 11 'शास्तियों' (Penalties) से संबंधित है। इसमें जनगणना कार्य में बाधा डालने या नियमों का उल्लंघन करने पर मिलने वाले दंड का विवरण दिया गया है। मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

1. जनगणना अधिकारियों और सहायता करने वाले व्यक्तियों के लिए दंड:

यदि कोई जनगणना अधिकारी या जनगणना में सहायता के लिए नियुक्त व्यक्ति अपने कर्तव्यों का पालन करने से इनकार करता है या दूसरों को काम करने से रोकता है, तो वह दंड का भागी होगा।
उसे अपने कार्य में उचित तत्परता बरतनी होगी; ऐसा न करने या आदेशों का पालन न करने पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
इस श्रेणी (धारा 11(1)(क)) के तहत दोषी पाए जाने पर जुर्माने के साथ-साथ तीन वर्ष तक का कारावास भी हो सकता है।

2. जनता/व्यक्तियों के लिए दंड:

गलत जानकारी देना: धारा 8 के तहत पूछे गए प्रश्नों का जानबूझकर गलत उत्तर देना या अपनी जानकारी के अनुसार उत्तर देने से इनकार करना।
प्रवेश रोकना: जनगणना अधिकारी को किसी घर, परिसर या जहाज आदि में प्रवेश करने से रोकना (जैसा धारा 9 में अपेक्षित है)।
चिह्नों को नुकसान पहुँचाना: जनगणना के उद्देश्य से लगाए गए अक्षरों, चिह्नों या अंकों को हटाना, मिटाना या बदलना।
अनुसूची भरने में विफलता: धारा 10 के तहत अनुसूची (schedule) भरने में जानबूझकर विफल रहना या उसमें गलत जानकारी देना।
अतिचार: जनगणना कार्यालय में अनधिकृत प्रवेश (trespass) करना।

3. दंड का प्रावधान:

उपरोक्त अपराधों के लिए एक हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
इन अपराधों के लिए उकसाने (abetment) वाले व्यक्ति को भी एक हजार रुपये तक के जुर्माने से दंडित किया जा सकता है।
भोपाल समाचार से जुड़िए
कृपया गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें यहां क्लिक करें
टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करने के लिए यहां क्लिक करें
व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए  यहां क्लिक करें
X-ट्विटर पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
फेसबुक पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
समाचार भेजें editorbhopalsamachar@gmail.com
जिलों में ब्यूरो/संवाददाता के लिए व्हाट्सएप करें 91652 24289

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!