मंदसौर, 8 मई 2026: मंदसौर जिले के सक्रिय अतिथि शिक्षकों ने प्रदेश संगठन के आव्हान पर आज अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला डिप्टी कलेक्टर महोदया को ज्ञापन सौंपा ओर साथ ही लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा दि 29-04-2026 को जारी किए गए आदेश की प्रति जलाकर अपना विरोध प्रदर्शित किया ।
Guest Teachers Protest in Mandsaur Against Fresh Registration Process
अतिथि शिक्षक जिला मीडिया प्रभारी कपिल प्रजापति ने बताया कि अतिथि शिक्षक पिछले 18 वर्षों से प्रदेश की शासकीय शालाओं में पूरी ईमानदारी से अध्यापन कार्य करवा रहे हे और आज तक सरकार ने अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करने हेतु कोई ठोस नीति नहीं बनाई! प्रतिनिधिमंडल ने अतिथि शिक्षकों की समस्याओं, भविष्य की सुरक्षा एवं वर्षों से दी जा रही सेवाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की। अतिथि शिक्षकों ने बताया कि लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों के हितों की अनदेखी की जा रही है, जिससे उनमें असंतोष व्याप्त है। उन्होंने शासन से मांग की कि अनुभव एवं वरिष्ठता के आधार पर अतिथि शिक्षकों को उचित सम्मान और अवसर प्रदान किए जाएं।
प्रमुख मांगें:
अतिथि शिक्षकों ने मांग की हे कि विभाग द्वारा नए पंजीयन की प्रक्रिया को पूर्णतः बंद किया जाए, ताकि वर्षों से कार्य कर रहे शिक्षकों के हित सुरक्षित रह सकें।
पुराने एवं अनुभवी अतिथि शिक्षकों को स्कोर कार्ड में उनके कार्य अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर प्रति वर्ष 10 बोनस अंक प्रदान किए जाएं। यह लाभ अधिकतम 18 वर्षों तक अर्थात 180 अंकों तक सीमित किया जाए तथा इसे स्कोर कार्ड में जोड़ा जाए।
प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि अतिथि शिक्षक वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दे रहे हैं। ऐसे में उनके भविष्य को सुरक्षित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
डिप्टी कलेक्टर महोदया ने ज्ञापन प्राप्त कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

