भोपाल, 02 मई 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के इंडस्ट्रियल एरिया गोविंदपुर में स्थित सोनी इंडस्ट्रीज पर अन्ना नगर के हिस्ट्री सीटर गोपाल पाटिल के गुंडो ने हमला कर दिया। फैक्ट्री के मालिक और उनके परिवार के सदस्यों को बेरहमी से मारा पीटा और हवाई फायर भी किया। गुंडे दो गाड़ियों में भरकर आए थे और हमला करने के बाद फिल्मी स्टाइल में वापस चले गए। पुलिस को सूचना दी गई थी लेकिन पुलिस की रुचि गुंडो को पकड़ने में नहीं थी, हालांकि उन्होंने मामला दर्ज कर लिया है।
Bhopal: Sony Industries Owners Assaulted in Govindpura, Attack Allegedly by Gopal Patil’s Associates
यह मामला अशोका गार्डन पुलिस थाने में दर्ज किया गया है। हमला शाम को 4:00 बजे से पहले हुआ था और मामला देर रात दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, मौके से दो गोलियों के खोखे बरामद किए गए हैं। फैक्ट्री संचालक 39 वर्षीय अंकित गुप्ता, जो सिंधी कॉलोनी के शांति नगर में रहते हैं, ने बताया कि उनकी ‘सोनी इंडस्ट्रीज’ नामक पेपर फैक्ट्री में बुधवार दोपहर करीब तीन बजे एक युवक खुद को फुटकर व्यापारी बताकर पहुंचा। उसने करीब 30 हजार रुपये का माल लिया, लेकिन भुगतान के दौरान विवाद खड़ा कर दिया। युवक ने खुद को “गोपाल पाटिल” का आदमी बताते हुए धमकी दी और वहां से चला गया।
कुछ ही देर बाद आधा दर्जन से अधिक बदमाश फैक्ट्री में घुस आए और ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में अंकित के चाचा चंद्रप्रकाश को सबसे गंभीर चोटें आई हैं। उनके हाथ, पेट और पीठ पर गहरे घाव बताए जा रहे हैं। इसके अलावा अंकित और उनके चचेरे भाई अमित को भी गंभीर चोटें आई हैं। तीनों घायलों का निजी अस्पताल में इलाज जारी है।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावर लगातार “गोपाल पाटिल” का नाम लेकर धमका रहे थे। साथ ही घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं, आरोप है कि शुरुआती प्रतिक्रिया धीमी रही, जिससे आरोपी आसानी से फरार हो गए। अशोका गार्डन थाना प्रभारी अनुराग लाल के मुताबिक, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। घायलों की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपितों की तलाश की जा रही है।
गोपाल पाटिल कौन है
अशोका गार्डन पुलिस सूत्रों के अनुसार, गोपाल पाटिल अन्ना नगर का गुंडा है। ज्यादातर मामले गोविंदपुरा थाने में दर्ज हुए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के हिसाब से हिस्ट्रीशीटर है। कई बार फायरिंग कर चुका है और कई मामले दर्ज हैं। शादी पार्टियों में उपद्रव के मामले सबसे ज्यादा संख्या में पाए गए हैं।

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