भोपाल में बकरीद से पहले सोशल मीडिया पर धारा 163 लागू, SMS भी कार्रवाई के दायरे में

Updesh Awasthee
भोपाल, 25 मई, 2026:
पुलिस कमिश्नर श्री संजय कुमार ने बकरीद से पहले भोपाल में सोशल मीडिया पर धारा 163 लागू कर दी है। इसका मतलब हुआ कि यदि किसी ने सांकेतिक रूप से या डबल मीनिंग वाले शब्द में भी कोई आपत्तिजनक बात कर दी, फिर चाहे वह कोई पर्सनल SMS ही क्यों ना हो, ऐसे व्यक्ति को धारा 223 के तहत गिरफ्तार कर लिया जाएगा और ईद के बाद छोड़ा जाएगा। 

Bhopal Implements Section 163 Before Bakrid, Action on Social Media Posts and SMS

जारी आदेश अनुसार कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर, इंस्टाग्राम, हाईक, एस.एम.एस. टेलीग्राम एवं अन्य सोशल मीडिया साइट आदि का दुरुपयोग कर धार्मिक, सामाजिक, जातिगत भावनाओं एवं विद्वेष को भड़काने के लिए किसी भी प्रकार के संदेशों का प्रसारण नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफार्म पर किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक एवं उन्माद फैलाने वाले संदेश, फोटो, वीडियो, ऑडियो इत्यादि, जिससे धार्मिक, सामाजिक, जातिगत आदि भावनाएं भड़क सकती हैं या सांप्रदायिक विद्वेष पैदा हो सकता है, उन्हें प्रसारित नहीं करेगा।

लाइक, शेयर, फॉरवर्ड ही नहीं, लिंक भी SMS नहीं कर सकते

सोशल मीडिया के किसी भी पोस्ट, जिसमें धार्मिक, सांप्रदायिक एवं जातिगत भावना भड़कती हो, को कमेंट, लाइक, शेयर या फॉरवर्ड नहीं करेगा। ग्रुप एडमिन की यह व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि वह ग्रुप मंं इस प्रकार के संदेशों को रोके। कोई भी व्यक्ति सामुदायिक, धार्मिक, जातिगत विद्वेष फैलाने या लोगों अथवा समुदाय के मध्य घृणा, वैमनस्यता पैदा करने या दुष्प्रेरित करने या उकसाने या हिंसा फैलाने का प्रयास उपरोक्त माध्यमों से नहीं करेगा और न ही इसके लिए किसी को प्रेरित करेगा। 

कोई भी व्यक्ति अफवाह या तथ्यों को तोड़-मरोड़कर, भड़काकर उन्माद उत्पन्न करने वाले संदेश, जिससे लोग या समुदाय विशेष, हिंसा या गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल हो जाएं, को प्रसारित नहीं करेगा और न ही लाइक, शेयर या फारवर्ड करेगा और न ही ऐसा करने के लिए किसी को प्रेरित करेगा।

कोई भी व्यक्ति, समुदाय ऐसे संदेशों को प्रसारित नहीं करेगा, जिसमें किसी व्यक्ति, संगठन, समुदाय आदि को एक स्थान पर एक राय होकर जमा होने और उनसे कोई गैरकानूनी गतिविधियां करने के लिए आव्हान किया गया हो, जिससे कानून एवं शांति व्यवस्था भंग होने की प्रबल संभावना विद्यमान हो।

भोपाल शहर की सीमा में किसी भी साइबर कैफे के स्वामी संचालक द्वारा किसी भी अनजान व्यक्ति, जिसका परिचय किसी विश्वसनीय प्रमाण-पत्र, जैसे परिचय पत्र, मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, ड्राइविंग लायसेंस, पासपोर्ट फोटोयुक्त, पैन कार्ड या ऐसे ही अन्य साक्ष्य से प्रमाणित न हो, को साइबर कैफे का उपयोग नहीं करने दिया जायेगा। साइबर कैफे के स्वामी/संचालक द्वारा समस्त आगंतुकों/प्रयोगकर्ताओं का रजिस्टर रखा जाना आवश्यक है, जिसमें उनका हस्तलिखित नाम, पता, दूरभाष नम्बर तथा परिचय का प्रमाण पत्र अंकित हो, इसके बिना सायबर कैफे का प्रयोग वर्जित होगा। साइबर कैफे में बिना कैमरा लगाए जिसमें प्रत्येक आंगतुक / प्रयोगकर्ताओं की फोटो खींची जा सके तथा उसका अभिलेख सुरक्षित रखा जाना आवश्यक होगा।

भोपाल नगर की सीमा में उपरोक्त गतिविधियों को प्रतिबंधित किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभावी होगा। यह आदेश आगामी दो माह तक लागू रहेगा। इस आदेश अथवा इस आदेश के किसी अंश का उल्लंघन करना भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध है। रिपोर्ट: विजय/अवंतिका जायसवाल।

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