भोपाल, 30 मई 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज कांग्रेस पार्टी की नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) द्वारा NEET पेपर लीक मामले में जबरदस्त प्रदर्शन किया गया। पुलिस के साथ संघर्ष हुआ। वाटर कैनन से अटैक किया गया। प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, और एक कार्यकर्ता द्वारा पुलिस अधिकारी की तरफ जूता फेंक कर मर गया। इसके अलावा एक मजेदार घटनाक्रम भी हुआ। जैसे बारात में फूफा रूठ जाता है, बिल्कुल वैसे ही रूठ है। फिर नेताओं ने उन्हें मनाया तब कहीं जाकर मंच पर चढ़े।
NSUI Protest in Bhopal Turns Chaotic, Clash With Police Reported
भोपाल में शुक्रवार को NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों के विरोध में कांग्रेस छात्र संगठन NSUI ने बड़ा प्रदर्शन किया। NSUI के सैकड़ों कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास घेराव के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने रेडक्रॉस चौराहे पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। विनोद जाखड़ लगातार बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश करते रहे। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलने के लिए एक-दो नहीं बल्कि पांच बार वाटर कैनन चलाए। वॉटर कैनन की तेज बौछारों के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं थे। कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग के सामने डटे रहे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। कुछ समय के लिए मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।मोहन यादव जी, यह पानी की बौछार इन बच्चों के सीने में जली आग को नहीं बुझा पाएगी!
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) May 30, 2026
Dharmendra Pradhan should resign!
📍 NEET पेपर लीक के विरोध में NSUI द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री निवास घेराव कार्यक्रम, भोपाल। pic.twitter.com/cs3ZefaQYs
NSUI कार्यकर्ता ने पुलिस पर जूता फेंका
प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस को प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पांच बार वॉटर कैनन चलाया। इससे पहले NSUI के एक कार्यकर्ता ने पुलिसकर्मियों की तरफ जूता फेंक दिया। इससे पुलिस अधिकारी नाराज हो गए। माइक से कार्यकर्ताओं को अभद्रता नहीं करने की चेतावनी दी। ये किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अंत में NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इमें पूर्व CM दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी समेत कांग्रेस के 200 कार्यकर्ताओं शामिल थे। नेताओं को बस में भरकर पुलिस ले गई है।
दिग्विजय सिंह फूफा की तरह रूठ गए
NSUI का प्रदर्शन था और एनएसयूआई के कार्यकर्ता मंच संभाल रहे थे तभी दिग्विजय सिंह रूठ गए। मान सम्मान का प्रश्न खड़ा हो गया। दिग्विजय सिंह ने मंच पर जाने से इनकार कर दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कार्यकर्ताओं को मंच से नीचे उतरने के निर्देश दिए। पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने भी कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने मंच पर मौजूद लोगों से नीचे उतरने और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह को सम्मानपूर्वक मंच तक पहुंचाने का आग्रह किया। वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें सम्मानपूर्वक मंच तक पहुंचाया, जिसके बाद उन्होंने प्रदर्शन को संबोधित किया।
यहां उल्लेख करना उचित होगा कि, श्री दिग्विजय सिंह जिस क्षेत्र से आते हैं वहां शादी बारात में अक्सर दूल्हे का फूफा मान सम्मान का प्रश्न उपस्थित करके रूठ जाता है। दरअसल, वह सब का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करवाना चाहता है और यह जताना चाहता है कि वह बारात में सबसे VIP है। जब उद्देश्य पूरा हो जाता है तो फूफा नॉर्मल हो जाता है।
कुल मिलाकर भोपाल में एनएसयूआई का प्रदर्शन धमाकेदार रहा और यह कांग्रेस पार्टी के प्रदर्शन की तुलना में काफी अच्छा था। इसमें न केवल एनएसयूआई कार्यकर्ताओं की भागीदारी थी बल्कि प्रदर्शन में शामिल ज्यादातर कार्यकर्ताओं का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को सरकार तक पहुंचाना ही था। वह किसी दूसरे उद्देश्य को लेकर प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए थे।

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