भोपाल, 19 मई, 2026: कोरोना के कारण बाजार बंद हो गया और कई लोगों का धंधा चौपट हो गया। संगीता चौधरी और मनजीत कौर का नाम भी इस लिस्ट में है। ज्यादातर लोग अपनी किस्मत को कोस रहे हैं। कुछ लोग अपनी बर्बादी का जिम्मेदार सरकार को बता रहे हैं। संगीता चौधरी के पास भी यही सरल विकल्प था, लेकिन संगीता और मनजीत ने वह रास्ता चुना इसके लिए हिम्मत की जरूरत होती है। दोनों ने परिस्थितियों से आंख मिलाई और फिर जीतने के लिए लड़ाई शुरू की। आज उनका 10 लाख का बिजनेस ढाई करोड़ का हो गया है।
No Complaints, No Excuses: How One Entrepreneur Built a ₹2.5 Crore Business
भोपाल जिले की अनुसूचित जाति वर्ग की महिला उद्यमी श्रीमती संगीता चौधरी एवं उनकी पार्टनर श्रीमती मनजीत कौर ने विपरीत परिस्थितियों में भी सफलता का एक नया मुकाम हासिल किया है। आज उनकी कंपनी 'MS Packing' (एमएस पैकेजिंग) सालाना 2.5 करोड़ रुपये का टर्नओवर पार कर चुकी है और वे स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ 15 अन्य युवाओं को रोजगार देकर उनके परिवारों का सहारा बनी हैं।
भोपाल जिले की सफल उद्यमी संगीता चौधरी एवं मनजीत कौर ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने साल 2019 में अपने पैकिंग मटेरियल (सर्जिकल कार्टन बॉक्स,बेकरी बॉक्स एवं अन्य पैकिंग मटेरियल) के व्यवसाय की शुरुआत की थी। लेकिन व्यवसाय शुरू होने के कुछ समय बाद ही कोरोना (Covid-19) महामारी का संकट आ गया, जिसने शुरुआती बिजनेस को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। संकट के इस दौर में व्यवसाय को पुनर्जीवित करने और आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने एमएसएमई विभाग की मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना का सहारा लिया।
बॉम्बे मर्केंटाइल बैंक से लोन और शासन की सब्सिडी से मिली भारी मदद
MSME के तहत मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत उन्हें बॉम्बे मर्केंटाइल कोऑपरेटिव बैंक से 25 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ, जिसने कोरोना काल के बाद उनके बिजनेस को एक नई गति और भारी संबल प्रदान किया। इसके साथ ही, मध्यप्रदेश शासन की सब्सिडी योजना के अंतर्गत उन्हें नियमानुसार सब्सिडी का लाभ प्राप्त हुआ, जिससे फाइनेंशियल लिक्विडिटी बनी रही।
बिजनेस लोन के ब्याज में 4% की छूट बड़ी राहत थी
संगीता चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में मिलने वाले 3% ब्याज अनुदान के अलावा, MSME विभाग के माध्यम से उन्हें ब्याज दर में 1% की अतिरिक्त छूट का विशेष लाभ भी मिला। इस वित्तीय प्रोत्साहन और रियायत ने मंदी और कोरोना के प्रभाव से उबरने में उन पर से आर्थिक बोझ को बेहद कम कर दिया।
10 लाख से 2.5 करोड़ रुपये तक का सफर
उन्होंने बताया कि संकट के बीच प्रथम वर्ष में कंपनी का व्यवसाय महज 9 से 10 लाख रुपये ही हो सका था। लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति, कड़ी मेहनत और सही समय पर मिले सरकारी सहयोग की बदौलत मात्र 4 से 5 साल के भीतर कंपनी ने 2.5 करोड़ रुपये का टर्नओवर प्राप्त कर लिया है। वर्तमान में वे अपनी कंपनी में 12 से 15 स्थानीय युवाओं को सम्मानजनक रोजगार दे रही हैं।
महिला उद्यमी संगीता चौधरी का कहना है कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना और MSME विभाग की नीतियां उद्योग स्थापना और विपरीत परिस्थितियों में भी संचालन को बेहद आसान बनाती हैं, जिससे नए और विशेषकर वंचित वर्ग के उद्यमी बिना किसी वित्तीय जोखिम के आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने स्थानीय स्तर पर पैकेजिंग उत्पादों की उपलब्धता में सुधार लाते हुए इस दूरदर्शी योजना के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति विशेष कृतज्ञता व्यक्त की। समाचार क्रमांक/449/074 / विजय/अरुण शर्मा, एडिटिंग ध्रुव बड़ारी।

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