भोपाल, 21 अप्रैल 2026: बिहार के युवा पढ़ाई करने के लिए दिल्ली पहुंचे और फिर ठगी करने लगे। वह दिल्ली से देश के कोने कोने में जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों को अपना शिकार बनाने लगे। भोपाल में जब GRP को इसकी शिकायत मिली तो छानबीन करके ठगों की पहचान की गई और जैसे ही वह दूसरी बार रेलवे स्टेशन पर आए, उनको धर लिया गया।
आर्मी जवान का मोबाइल व एटीएम कार्ड चुराया
आर्मी जवान अमर सिंह ने शिकायत की थी कि "16 अप्रैल को वह उद्योग नगरी एक्सप्रेस से पुणे जाने के लिए भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंचे। इसी दौरान भीड़ का फायदा उठाकर कुछ अज्ञात लोगों ने उनका मोबाइल और एटीएम कार्ड चोरी कर लिया और खाते से पैसे भी निकाल लिए।" पुलिस ने स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें संदिग्ध युवक फरियादी को घेरते नजर आए। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर सूचना के आधार पर 19 अप्रैल को रेलवे स्टेशन से 6 आरोपियों को हिरासत में लिया गया।
असली का झांसा दे थमाते थे नकली नोट, 6 बदमाश गिरफ्तार
पूछताछ में बदमाशों ने अपने नाम जोगिंदर, दिलशाद, अरशद, सुमित उर्फ धीरज, मोहम्मद अनवर और अमानतुल्लाह सभी निवासी जेजे कॉलोनी, बवाना, दिल्ली बताए। जांच में सामने आया कि सभी आरोपी मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। काम धंधा करने के मकसद से दिल्ली आए और यहां अपराध की दुनिया से जुड़ गए। यह गिरोह देशभर के रेलवे स्टेशनों पर सक्रिय था और खासतौर पर आर्मी जवानों व भोले-भाले यात्रियों को निशाना बनाता था।
ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए करते थे दोस्ती
टीआई जीआरपी जहीर खान ने बताया "आरोपी पहले ट्रेन या स्टेशन पर यात्रियों से दोस्ती करते, फिर उन्हें नकली नोटों की गड्डी दिखाकर कहते कि वे ऑनलाइन पेमेंट कर दें, बदले में ज्यादा नकद देंगे। भरोसा जीतने के बाद मौका पाकर मोबाइल और एटीएम कार्ड चोरी कर लेते और खातों से पैसे निकाल लेते थे। आरोपियों ने इंदौर में भी करीब डेढ़ लाख रुपये की ठगी करना कबूल किया है।
Bihar-Based Fraudsters Arrested in Bhopal for Cheating Passengers in Moving Trains
पुलिस के अनुसार कुछ आरोपियों पर दिल्ली, गाजियाबाद और मथुरा में पहले से ही चोरी, धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के मामले दर्ज हैं। आरोपी दिल्ली से कार में भोपाल आए थे और भीड़भाड़ वाले रेलवे स्टेशनों को अपना ठिकाना बनाते थे। सभी आरोपियों की उम्र 20 से 22 वर्ष के बीच है और ये बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देते थे।

