भोपाल समाचार, 1 अप्रैल 2026: पॉलिटिकल गॉसिप अगले पैराग्राफ में कर लेंगे लेकिन ध्यान देने वाली न्यूज़ यह है कि, केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल से मिलने के लिए मध्य प्रदेश भवन पहुंचे। बात दरअसल ऐसी है कि, दिल्ली जाने वाले मध्य प्रदेश के भाजपा नेताओं को श्री सिंधिया के घर जाना पड़ता है। श्रीमंत महाराज साहब, सामान्य तौर पर किसी से मिलने मध्य प्रदेश भवन नहीं जाते।
मीटिंग के बाद ज्योति, मोहन, खंडेलवाल, किसी ने कुछ नहीं बताया
अब जबकि, दिल्ली के मध्य प्रदेश भवन में दिग्गज नेताओं की मुलाकात हुई है तो कयास भी लगाए जाएंगे। मध्य प्रदेश सरकार की ओर से आधिकारिक जानकारी में सिर्फ इतना बताया गया है कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं केंद्रीय मंत्री श्री वीरेंद्र खटीक ने नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन में मुलाकात की। केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मीडिया टीम ने इस मीटिंग के बारे में, कोई न्यूज़ या फोटो जारी नहीं किया है। श्री सिंधिया ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से भी कोई अपडेट नहीं दिया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की ओर से भी सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की कोई जानकारी नहीं है। रही बात प्रतिशत अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल की तो उनका X हैंडल केंद्र को समर्पित है। उन्होंने कोई अपडेट नहीं दिया है।
दिल्ली में मध्य प्रदेश के नेताओं की मुलाकात के पॉलिटिकल गॉसिप
पॉलिटिक्स की खबरों पर काम करने वाले मध्य प्रदेश के पत्रकारों को कहना है कि यह मुलाकात निगम मंडल में नियुक्ति को लेकर हुई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल, निगम मंडल की लिस्ट लेकर दिल्ली गए हैं। यह भी बताया जा रहा है कि श्री सिंधिया अपने समर्थक पूर्व मंत्री इमरती देवी, महेंद्र सिंह सिसोदिया, ओपीएस भदौरिया, गिरिराज दंडोतिया और पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल को निगम मंडल में अध्यक्ष बनवाकर, कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिलवाना चाहते हैं। और इससे कम पर नेगोशिएट करने के लिए तैयार नहीं है। हालांकि यदि इस बात में दम होती तो, मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष, सिंधिया के घर जाते।
मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर कोई अपडेट नहीं देना भी अपने आप में एक बड़ी खबर है। इसका एक मतलब यह भी निकाल सकते हैं कि नेताओं के बीच में कोई डील नहीं हो पाई और अब मामला सर्वोच्च नेताओं के पास पहुंच गया है।

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