रतलाम, 22 अप्रैल 2026: मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के आलोट में पदस्थ एक पटवारी, रविशंकर खराड़ी द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस घटना के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है और मृतक के परिजनों सहित पटवारी संघ ने नायब तहसीलदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
घटना का विवरण और प्रताड़ना के आरोप
पटवारी रविशंकर खराड़ी ने मंगलवार को अपने घर में साफे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनकी मौत के बाद एक 15 दिन पुराना पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने नायब तहसीलदार सविता राठौर पर गंभीर आरोप लगाए थे। पत्र के अनुसार, नायब तहसीलदार द्वारा उन पर नियम विरुद्ध काम करने, मौका रिपोर्ट और पंचनामा बदलने का अनुचित दबाव बनाया जा रहा था। रविशंकर की माँ, केसर खराड़ी ने भी आरोप लगाया कि तहसीलदार मैडम उनके बेटे को परेशान करती थीं और किसी काम के बदले किसान से रुपये लेने के लिए दबाव डालती थीं। यहाँ तक कि रविशंकर को उनके छोटे भाई की शादी में शामिल होने के लिए छुट्टी तक नहीं दी गई और उन्हें उनके क्वार्टर पर बुलाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
शादी की खुशियाँ मातम में बदलीं
रविशंकर के छोटे भाई सिद्धार्थ की शादी 19 अप्रैल को हुई थी। 20 अप्रैल को बारात लौटने के बाद शाम को रिसेप्शन रखा गया था, लेकिन रविशंकर मोबाइल बंद कर कहीं चले गए और देर रात 2 बजे घर लौटे। अगले दिन मंगलवार सुबह जब वे काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकले, तो उनकी गर्भवती पत्नी रीना ने कमरे में जाकर देखा, जहाँ रविशंकर पंखे से लटके हुए मिले। रविशंकर अपने पीछे एक 4 साल की बेटी और परिवार छोड़ गए हैं।
न्याय के लिए धरना और प्रशासनिक कार्रवाई इस घटना के विरोध में पटवारी संघ और परिजनों ने मंगलवार रात से ही औद्योगिक क्षेत्र थाने में धरना दिया। बुधवार सुबह परिजन और समाजजन मेडिकल कॉलेज में शव का पोस्टमार्टम न कराने की मांग पर अड़ गए। उनकी मांग थी कि जब तक नायब तहसीलदार सविता राठौर के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं होती, वे आगे की प्रक्रिया नहीं करेंगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर मिशा सिंह ने नायब तहसीलदार सविता राठौर को निलंबित कर दिया है।
Ratlam Patwari Suicide Case: Naib Tehsildar Suspended Amid Harassment Allegations, Ultimatum Till 13th Day
सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार, जयस नेता और करणी सेना परिवार के प्रमुख जीवन सिंह भी धरने में शामिल हुए। अधिकारियों द्वारा जमीन पर बैठकर परिजनों को समझाने और 7 दिन के भीतर निष्पक्ष जांच का आश्वासन देने के बाद, करीब 7 घंटे चला धरना समाप्त हुआ और परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए।
चेतावनी और भविष्य की रणनीति विधायक कमलेश्वर डोडियार ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर नायब तहसीलदार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज नहीं किया गया, तो मृतक की तेरहवीं के दिन परिवार और समाज के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा।

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