जबलपुर 2 अप्रैल 2026: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर मे आज दिनांक 02/4/26 को चीफ जस्टिस एवं जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ मे ओबीसी आरक्षण के 33 प्रकरण सूचीबद्ध थे। जिनमे 2 मामले दीपक कुमार पटेल एवं हरिशंकर बरोदिया मे 87-13% के फार्मूले की संवैधानिकता को चुनौती दी गईं हैं। उक्त दोनों मामले हाईकोर्ट द्वारा सुप्रीम को वापस भेजनें का आदेश पारित किया गया हैं। इसके अलावा मामले की अंतिम सुनवाई के लिए तारीख निर्धारित कर दी गई है।
MP OBC Reservation Case: High Court Fixes Date for Final Hearing
ज्ञातव्य हो की ओबीसी एडवोकेट वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका क्रमांक MA/529/2026 मे दिनांक 20/3/26 को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश पारित कर उक्त दोनों मामले अपने पास रीकाल किए गए थे। उक्त दोनों मामलो मे महाधिवक्ता के अभिमत के आधार पर जी.ए.डी. द्वारा दिनांक 29/9/2022 को MPPSC को निर्देश जारी कर चयन परीक्षाओं मे प्रथम चरण से अंतिम स्टेज तक 113% पर चयन सूची बनाकर 13% ओबीसी वर्ग तथा 13% सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को होल्ड कर 87% पदों पर नियुक्ति देने को चुनौती दीं गईं हैं। जिसका परिक्षण सुप्रीम कोर्ट द्वारा किया जाएगा। शेष 83 मामलो मे हाईकोर्ट सुनवाई करेगा।
दिनाँक 2/4/2026 की सुनवाई में चीफ जस्टिस द्वारा आदेश पारित किया गया कि समस्त मामले अंतिम सुनवाई के पूर्व दिनांक 15 अप्रैल 2026 को रजिस्टर कोर्ट के समक्ष सूचीबद्ध किए जाएं जिसमें रजिस्टर एवं संबंधित पक्षकार के अधिवक्ता सुनिश्चित करें कि प्रकरणों में प्रस्तुत दस्तावेज आदि संलग्न है या नहीं और यदि किसी अधिवक्ता को लिखित में बहस प्रस्तुत करना है तो वह भी अंतिम सुनवाई दिनांक के पूर्व सुनिश्चित करें।
OBC Reservation in MP: High Court Schedules Final Hearing
चीफ जस्टिस द्वारा सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित 3 महीने की अवधि को दृष्टिगत रखते हुए समस्त मामलों की सुनवाई 16 अप्रैल 2026 से करना चाह रहे थे लेकिन मध्य प्रदेश शासन की ओर से उपस्थित सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं असिस्टेंट एडिशनल जनरल ऑफ इंडिया के एम नटराज द्वारा अपनी व्यस्तता का हवाला देकर प्रकरणों को 27 अप्रैल को सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया गया जिसे स्वीकार करते हुए चीफ जस्टिस द्वारा कहा कि 27 अप्रैल से 29 अप्रैल तक दोपहर 12:30 बजे से नियमित सुनवाई की जाएगी जिस भी अधिवक्ता को लिखित तर्क आदि प्रस्तुत करना है उक्त दिनांक के पूर्व प्रस्तुत करें।
मध्य प्रदेश शासन की ओर से ओबीसी का पक्ष रखने हेतु नियुक्त,विशेष अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर एवं विनायक प्रसाद शाह तथा मध्य प्रदेश सरकार की ओर से ए.एस.जी. के एम.नटराज, एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह,एडिशनल एडवोकेट जनरल हरप्रीत रूपराह ओबीसी वर्ग के याचिकाकर्ताओ की ओर से वरुण ठाकुर,शशांक ऱतरनू, रामभजन लोधी,परमानंद साहू अखिलेश प्रजापति, उदय कुमार साहू उपस्थित हुए। ओबीसी आरक्षण के विरुद्ध दायर याचिकाकर्ताओ की ओर से आदित्य संगी, अंशुमान सिंह, ब्रह्मांड पाठक आदि उपस्थित हुए।
उपरोक्त जानकारी अधिवक्ता श्री विनायक प्रसाद शाह द्वारा दी गई। समाचार की पुष्टि के लिए नीचे वीडियो में उनका बयान है।
— Adhiraj Awasthi (@AdhirajOnline) April 2, 2026

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