जबलपुर | 28 अप्रैल, 2026: मध्य प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण का मामला एक बार फिर गरमा गया है। आज हाई कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने एक चौंकाने वाला कदम उठाते हुए इस मामले में पैरवी करने के लिए अपना वकील बदल दिया है। उल्लेखनीय है कि, सुप्रीम कोर्ट के अनुरोध के बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में ओबीसी आरक्षण के लिए फाइनल आर्गुमेंट की तैयारी चल रही है।
Just Before Final Arguments, MP Govt Replaces Lawyer in OBC Reservation Case
मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, महामहिम राज्यपाल द्वारा नियुक्त विशेष अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर और विनायक प्रसाद शाह अब ओबीसी आरक्षण के मामलों में सरकार का पक्ष नहीं रख पाएंगे। महाधिवक्ता ने आज अदालत को सूचित किया कि, ओबीसी आरक्षण के मामले में, हाई कोर्ट में अब सरकार की ओर से दिग्गज वकील तुषार मेहता और के.एम. नटराज पैरवी करेंगे।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी कई मौकों पर कहा है कि पिछली कांग्रेस सरकार ने "ओबीसी का कमजोर कानून" बनाया था। इसलिए सरकार को कोर्ट में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इन तमाम विधिक चुनौतियों और बदलावों के बीच, अदालत ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 13, 14 और 15 मई, 2026 को तय की है।

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