भोपाल, 15 अप्रैल 2026: MP Board 10th 12th Result 2026 Declared by CM Mohan Yadav मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने 15 अप्रैल 2026 को कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं इन परिणामों को जारी करते हुए प्रदेश के विद्यार्थियों को बधाई दी। इस बार का रिजल्ट मध्य प्रदेश की बदली हुई तस्वीर दिखा रहा है। मोहन सरकार की शिक्षा क्रांति का असर दिखाई दे रहा है। 16 साल का रिकॉर्ड टूट गया और पहली बार आदिवासी क्षेत्र का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर नवाचारों और छात्रहित की योजनाओं का ही परिणाम है कि आज प्रदेश का शिक्षा स्तर बेहतर हो रहा है।
MP Board 12th Result Best in 16 Years:
इस साल के आंकड़ों की बात करें तो MP Board 12th Result ने पिछले 16 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जहाँ कुल पास प्रतिशत 76.01% रहा। वहीं, MP Board 10th Result का कुल पास प्रतिशत 73.42% दर्ज किया गया। इस बार भी परिणामों में लड़कियों का दबदबा कायम रहा और उन्होंने लड़कों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।
Government Schools Outshine Private Schools
मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग के लिए सबसे गर्व की बात यह रही कि इस वर्ष शासकीय स्कूलों (Government Schools) के छात्रों ने निजी स्कूलों (Private Schools) को पीछे छोड़ दिया है। कक्षा 10वीं में सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत 76.80% रहा, जो सरकार के धरातल पर किए गए प्रयासों की सफलता को दर्शाता है। यह परिणाम साबित करता है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
Success in Tribal Areas: आदिवासी बाहुल्य जिलों और SC क्षेत्रों में उत्कृष्ट परिणाम मोहन सरकार की समावेशी शिक्षा नीति का बड़ा असर अनुसूचित जाति (SC) क्षेत्रों और आदिवासी बाहुल्य जिलों में देखने को मिला है। इन क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं ने बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर यह स्पष्ट कर दिया है कि पिछड़े वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित हो रही है। यह सफलता मोहन सरकार की उन योजनाओं की पुष्टि करती है जो समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने के लिए बनाई गई हैं।
Impact of Medhavi Chhatra Yojana & Scooty-Laptop Distribution Schemes
मध्य प्रदेश में शिक्षा का स्तर सुधारने और छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाने में सांदीपनी स्कूल, स्कूटी, साइकिल और लैपटॉप वितरण जैसी योजनाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मेधावी छात्र सम्मान योजना के माध्यम से छात्रों में प्रतिस्पर्धा और बेहतर करने का उत्साह बढ़ा है। इन महत्वाकांक्षी प्रयासों के चलते न केवल शासकीय स्कूलों में नामांकन (Enrollment) बढ़ा है, बल्कि ड्रॉपआउट दर में भी भारी कमी आई है।

.webp)