भोपाल समाचार, 3 अप्रैल 2026: मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों में से, तीसरी सीट जो कांग्रेस के पास है अब शायद नहीं रहेगी। विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा की बात अब एक और विधायक लफड़े में फंस गए हैं। इस बात की पूरी संभावना है कि वह भी राज्यसभा के लिए वोटिंग नहीं कर पाएंगे।
Another Congress MLA’s Vote May Turn Invalid in MP Rajya Sabha Polls
यह मामला दतिया से कांग्रेस के विधायक श्री राजेंद्र भारती का है। 25 साल पहले श्री राजेंद्र भारती दतिया जिला सहकारी कृषि ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष थे। इस दौरान उन्होंने अपनी मां स्वर्गीय सावित्री देवी के नाम पर 1998 में 10.50 लाख रुपये की FD 3 साल के लिए कराई थी। ब्याज दर 13.50% थी। निर्धारित से अधिक ब्याज पाने के लिए उन्होंने नियमों का उल्लंघन किया। यह फिक्स डिपाजिट 2001 में मैच्योर होने वाला था लेकिन श्री राजेंद्र भारती ने डॉक्यूमेंट में छेड़छाड़ करके फिक्स डिपाजिट को 2004 तक के लिए बढ़ा दिया और 2004 में फिर से छेड़छाड़ की गई, और फिक्स डिपाजिट की अवधि 10 साल बढ़ा दी गई। यह सब कुछ अधिक ब्याज प्राप्त करने के लिए किया गया। जिसके लिए रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ हुई।
बैंक के कर्मचारी श्री नरेंद्र सिंह ने कोर्ट में यह मामला लगाया था। कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज किया गया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोप सही पाए गए। इसलिए कोर्ट ने विधायक श्री राजेंद्र भारती और बैंक के अन्य कर्मचारी श्री रघुवर प्रसाद प्रजापति को 3-3 साल जेल की सजा सुनाई। यदि विधायक श्री राजेंद्र भारती को सजा स्वीकार नहीं है और उनको लगता है कि न्यायालय ने गलत निर्णय दिया है तो 60 दिन के अंदर वह हाई कोर्ट में अपील कर सकते हैं।
विधायक श्री राजेंद्र भारती को 2 साल से अधिक की सजा मिली है। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (Representation of the People Act, 1951) की धारा 8(3) के तहत यदि किसी जनप्रतिनिधि (संसद अथवा विधायक) को किसी भी अपराध (धारा 8(1) या 8(2) में उल्लिखित विशेष अपराधों को छोड़कर) के 2 वर्ष या उससे अधिक की कैद की सजा सुनाई जाती है, तो वह दोषसिद्धि (conviction) की तारीख से ही अयोग्य हो जाता है। सदस्यता तत्काल समाप्त हो जाती है। सजा की पूरी अवधि + रिहाई के बाद अगले 6 वर्ष तक चुनाव लड़ने या सदस्य बने रहने के लिए अयोग्य घोषित हो जाता है।
इसका मतलब हुआ कि श्री राजेंद्र भारती ने यदि सजा को स्वीकार कर दिया तो उनकी विधानसभा की सदस्यता भी चली जाएगी और अगले दो विधानसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इसलिए यह तो पक्का है कि वह अपील करेंगे लेकिन जैसा कि ऐसे मामलों में होता है और विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा के मामले में हुआ है, हाई कोर्ट सजा के आदेश पर तो रोक लगा देगा परंतु वोटिंग का अधिकार नहीं देगा। अब तक के ज्यादातर मामलों में ऐसा ही हुआ है। इसका मतलब हुआ कि श्री राजेंद्र भारती विधायक तो बने रहेंगे, लेकिन राज्यसभा के चुनाव में अपनी पार्टी के प्रत्याशी को वोट नहीं दे पाएंगे।
नियम के अनुसार, श्री राजेंद्र भारती की मध्य प्रदेश विधानसभा की सदस्यता समाप्त और सीट रिक्त घोषित कर दी गई है। अब सब की नजर हाई कोर्ट पर है।

