मध्य प्रदेश कांग्रेस न्यूज़: IYC के आठ महासचिव, तीन जिला अध्यक्ष और 27 प्रदेश सचिव निष्क्रिय, लास्ट अल्टीमेटम

Updesh Awasthee
भोपाल, 9 अप्रैल 2026
: मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के नेताओं की अलाली खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। तमाम उठा पटक, जासूसी और इंटरव्यू के बाद मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस कमेटी का गठन किया गया था। इसके बावजूद 8 प्रदेश महासचिव, तीन जिला अध्यक्ष और 27 प्रदेश सचिव ऐसे हैं, जो पार्टी का बिल्कुल भी काम नहीं कर रहे हैं। पार्टी ने उनको 3 महीने का अल्टीमेटम दिया है। इसके बाद बर्खास्त कर दिया जाएगा। 

पार्टी का काम नहीं करने वाले यूथ कांग्रेस पदाधिकारी के नाम 

​3 जिला अध्यक्ष: पुष्पेंद्र सिंह पटेल (अलीराजपुर), मयंक जाट (रतलाम), और अनूप सिंह चंदेल (रीवा)। 
​8 प्रदेश महासचिव: सलमान शेख, प्रमोद पटेल, अब्दुल करीम कुरैशी, विनय पांडे, राहुल (हितेश) ठाकुर, सुष्मिता सिंह, खुशी गुर्जर और मंजू गुर्जर। 
27 प्रदेश सचिव: राजीव सिंह, आशीष चौबे, राज नेमा, अविनाश पाठक, शिवप्रसाद तिवारी (मोनू), शुभम शर्मा, विवेक द्विवेदी, अंकित शर्मा, आकाश सिंह चौहान, नितेश जाटव, विकास सिंह चौहान, अभिनव मिश्रा, अनूप दांगी, अमित दांगी, हर्ष वशिष्ठ, आकाश राजपूत, सुमित अवस्थी, अमित यादव, लोकेश सोनकर, शिवम पांडेय, रामकृष्ण प्रजापति, दीपक मालवीय, लोकेश पटेल, आशीष अवस्थी, रानू पटेल, प्रीति मालवीय और रीना डावर। 

पार्टी कंफ्यूज: एक तरफ पद HOLD दूसरी तरफ 3 महीने का अल्टीमेटम

इस मामले में मध्य प्रदेश की कांग्रेस पार्टी खुद ही कंफ्यूज है। समाचार में लिखा है कि उपरोक्त सभी पदाधिकारी के पद HOLD कर दिए गए हैं यानी की अब वह स्वयं को पदाधिकारी नहीं बता सकते। यह एक प्रकार का निलंबन है, क्योंकि पद HOLD तो पोस्टिंग से पहले किए जाते हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी ने यह भी कहा है कि उपरोक्त सभी को 3 महीने का टारगेट दिया गया है। यदि वह खुद को साबित कर देते हैं तो अपने पद पर बने रह सकते हैं अन्यथा बर्खास्त कर देंगे। पॉलिटिकल एडमिनिस्ट्रेशन की लैंग्वेज में इसको अल्टीमेटम कहते हैं। बड़ा सवाल है कि जब सस्पेंड कर दिया तो काम क्यों दिया और काम दिया है तो अधिकारी सस्पेंड नहीं हो सकता। और HOLD का तो सवाल ही नहीं है। 

3 महीने में क्या करना है
पार्टी ने इन्हें पद से सीधे बर्खास्त करने के बजाय सुधार के लिए 3 महीने का आखिरी मौका (प्रोबेशन पीरियड) दिया है। इस दौरान इन्हें ये शर्तें पूरी करनी होंगी।
​प्रदेश महासचिवों के लिए: उन्हें अपने प्रभार वाले जिले में संगठन के कामों के लिए कम से कम 10 दिन बिताना अनिवार्य है।
प्रदेश सचिवों के लिए: उन्हें अपने प्रभार वाले क्षेत्र में कम से कम 7 दिन देकर संगठन को मजबूत करना होगा।
​यदि आगामी 3 महीनों में ऐप पर इनकी सक्रियता संतोषजनक नहीं पाई गई, तो इन्हें इनके पदों से पूर्ण रूप से मुक्त (Relieve) कर दिया जाएगा। 
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