भोपाल समाचार, 17 अप्रैल 2026: मध्य प्रदेश के राज्यपाल और गुजरात मूल के पुराने पॉलीटिशियन श्री मंगू भाई पटेल के तेवर अचानक बदले हुए दिखाई दिए। गुरुवार को राजधानी में आयोजित सरकारी कार्यक्रम में श्री मंगू भाई पटेल अचानक राज्यपाल से व्हिसल ब्लोअर हो गए। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने ट्राइबल डिपार्टमेंट में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठा दिया। मामले को संवेदनशील बनाने के लिए, हैडलाइन भी दी। बोले- क्या आदिवासियों के बच्चे सरकार के कार्यक्रमों में केवल डांस करने के लिए हैं। यह सब कुछ तब हुआ जब बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट में ट्राइबल के बच्चों का सबसे अच्छा प्रदर्शन आया है। चलिए इस मामले से संबंधित पॉलिटिकल गॉसिप एंड इन्वेस्टिगेशन करते हैं।
हैडलाइन तो वायरल हो गई लेकिन मंगू भाई ने बगावत क्यों कर दी?
क्या आदिवासियों के बच्चे सरकार के कार्यक्रमों में केवल डांस करने के लिए हैं। राज्यपाल मंगू भाई पटेल कि यह लाइन हैडलाइन बन गई और अब पूरे देश में वायरल भी हो रही है। जबकि इस लाइन की जरूरत ही नहीं थी। मंच पर जो प्रदर्शन कर रहे थे, वह आदिवासियों के बच्चे नहीं आदिवासी कलाकार हैं और उनको भरपूर भुगतान किया जाता है। फ्री में डांस नहीं करवा रहे हैं। यह बात मंगू भाई को भी पता है।
दूसरी बड़ी बात यह है कि, मध्य प्रदेश बोर्ड परीक्षा में इस बार आदिवासी बच्चों ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। आदिवासी क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षा का स्तर काफी ही अच्छा हो गया है। यह प्रशंसा का समय है, आदिवासी बच्चों को मोटिवेट करने का टाइम है लेकिन मंगू भाई ने भड़काऊ बयान दे दिया।
तीसरी बड़ी बात यह है कि, इस समय भारत के लोकतांत्रिक ढांचे में बड़ा परिवर्तन हो रहा है। लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र का परिसीमन हो रहा है। कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी के इस कदम को आदिवासी विरोधी बताया है। ऐसी स्थिति में राज्यपाल के पद पर रहते हुए मंगू भाई के इस बयान ने कांग्रेस के नॉरेटिव को जेट की स्पीड से वायरल करवा दिया।
ट्राइबल के भ्रष्टाचार से राज्यपाल का क्या कनेक्शन?
राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के सामने जनजातिया कार्य विभाग में बजट को लेकर चल रही गड़बड़ी का मुद्दा सरकारी कार्यक्रम के मंच से उठा दिया। जबकि इस बारे में वह मुख्यमंत्री से अकेले में बात कर सकते थे, और फिर बात करना ही क्यों। भ्रष्टाचार तो उनके संरक्षण में आने वाले उच्च शिक्षा विभाग में भी हो रहा है। उच्च शिक्षा विभाग में आदिवासी विद्यार्थियों के साथ भेदभाव हो रहा है। ट्राइबल के प्रोफेसर्स को पोस्टिंग के मामले में परेशान किया जा रहा है। राज भवन में डेढ़ सौ से ज्यादा शिकायत मौजूद हैं। फिर क्या कारण है कि उन्होंने केवल ट्राइबल का मुद्दा उठाया।
राज्यपाल को संविधान का विशेष संरक्षण प्राप्त है इसलिए उनको व्हिसल ब्लोअर बनने का अधिकार नहीं है। वह भ्रष्टाचार की शिकायत सुन सकते हैं लेकिन शिकायत कर नहीं सकते। फिर क्या कारण है कि शांति और सद्भाव के साथ अपना कार्यकाल पूरा कर रहे हैं मंगू भाई अचानक मंगल भाई की तरह बहकी बहकी बातें करने लग गए हैं।
इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट
प्राइमरी इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट बताती है कि, इस महीने की शुरुआत काफी ठीक-ठाक हुई थी। उन्होंने 1 अप्रैल को सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन 2047 और टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और आयुष विभाग की लोकभवन में समीक्षा की। अन्य सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होते रहे। पशुपालन और आंगनबाड़ियों की समीक्षा की। 4 अप्रैल को मांडू में जहाज महल का पर्यटक भी किया, लेकिन 6 अप्रैल से लगातार राज भवन में है। भोपाल के बाहर किसी कार्यक्रम में नहीं जा रहे हैं।
राज भवन में राज्यपाल के निर्धारित कामकाज के अलावा कुछ अन्य लोगों से भी मुलाकात हुई है इसमें 9 अप्रैल को बंसल ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री सुनील बंसल से मुलाकात महत्वपूर्ण है।
इसके बाद 10 अप्रैल को जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री श्री कुंवर विजय शाह, राजभवन पहुंचे और मंगू भाई के साथ काफी देर तक बातचीत हुई।
दिनांक 13 अप्रैल को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल राजभवन पहुंचे। सूत्रों का कहना है कि इस मुलाकात में ऐसा लगा जैसे मंगू भाई ने नरेंद्र शिवाजी को कोई काम दिया था।
13 अप्रैल को ही म.प्र. माझी जनजाति संयुक्त संघर्ष समिति भोपाल के पदाधिकारियों ने प्रांतीय संयोजक श्री टीकाराम रायकवार के नेतृत्व में राजभवन में मंगू भाई से मुलाकात की।
नोट करने वाली बात है कि- मंगू भाई, टंट्या मामा भील से संबंधित कई कार्यक्रमों में शामिल हुए लेकिन अंबेडकर जयंती के अवसर पर किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। बैंक्वेट हॉल राजभवन में डॉ भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित करके औपचारिकता पूरी कर ली।
फिर 15 अप्रैल को पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल राजभवन पहुंचे। दोनों काफी गंभीर दिखाई दे रहे थे। 15 अप्रैल को ही लोक निर्माण विभाग मंत्री श्री राकेश सिंह राज भवन पहुंचे।
इसके बाद 16 अप्रैल को राजधानी में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए। इसी में से एक कार्यक्रम ("जनजातीय विकास का लक्ष्य - राज्य स्तरीय जनजातीय उप योजना कार्यशाला") प्रशासनिक अकादमी में आयोजित किया गया था। इसमें मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी शामिल हुए। इसी कार्यक्रम में मंगू भाई ने अपने बयान से ब्लास्ट कर डाला।
टाइमलाइन से आपको काफी कुछ समझ में आ गया होगा। बाकी बातें समझने के लिए थोड़ा इंतजार कीजिए।

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