भोपाल, 17 अप्रैल, 2026: मध्य प्रदेश के शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से प्रभावित लाखों शिक्षकों के लिए आज राहत की सबसे बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद और अनिश्चितता के बीच, मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने आधिकारिक तौर पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India) में रिव्यू पिटीशन (पुनर्विचार याचिका) दाखिल कर दी है।
MP Govt Moves Supreme Court to Save 1.5 Lakh Teachers’ Jobs, Files Review Petition
मध्य प्रदेश शासन की ओर से पुनर्विचार याचिका दाखिल किए जाने की पुष्टि की गई है। शासन स्तर से सुप्रीम कोर्ट की ई-फाइलिंग रसीद शेर की गई है जिसके अनुसार:
- ई-फाइलिंग नंबर: EC-SCIN01-19599-2026
- दिनांक और समय: 17-04-2026, शाम 04:00 बजे
- डायरी नंबर: 23484/2026
- याचिकाकर्ता: मध्य प्रदेश शासन (State of MP)
सीएम हाउस में हुई बैठक का तत्काल असर
"मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर और भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर एवं राज्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों" को जो आश्वासन दिया था, उस पर सरकार ने तत्काल अमल करते हुए कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दी है। यह कानूनी कदम उन शिक्षकों के लिए संजीवनी के समान है जिनकी पात्रता और सेवाओं पर तकनीकी कारणों से प्रश्नचिन्ह लगा हुआ था।
मप्र शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष क्षत्रवीर सिंह राठौर ने कि "यह केवल एक याचिका नहीं, बल्कि प्रदेश के लाखों शिक्षकों के मान-सम्मान की बहाली का मार्ग है। मुख्यमंत्री जी ने अपना वादा निभाया है। पुनर्विचार याचिका इस बात का सबूत है कि हमारी मांगें सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं। अब किसी भी शिक्षक को विचलित होने की आवश्यकता नहीं है। इसके साथ ही मप्र शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री राकेश गुप्ता ने मा.मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं स्कूल शिक्षामंत्री राव उदय प्रताप सिंह का आभार व्यक्त किया।" रिपोर्ट: शैलेंद्र प्रजापति।



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