सरकार ने मांगे नहीं मानी तो स्कूलों में तालाबंदी कर देंगे, धार के पुराने शिक्षकों की चेतावनी

Updesh Awasthee
धार, 9 अप्रैल 2026
: शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन के तहत 8 अप्रैल को जिले भर के हजारों शिक्षकों ने अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर धार के किला मैदान में प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षकों ने कहा कि यदि सरकार ने हमारी मांग नहीं मानी तो हम स्कूलों की तालाबंदी कर देंगे।

Dhar Teachers Issue Ultimatum: Schools to Be Locked If Govt Ignores Demands

अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रतिवेदन में बताया गया है किला मैदान में एकत्रीकरण के बाद शिक्षक रैली के रूप में तपती धूप में टीईटी के खिलाफ हाथों में बैनर पोस्टर लेकर आवाज बुलंद करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिला अपर कलेक्टर संजीव केशव पाण्डेय को सौंपा गया। धार में आयोजित धरना रैली प्रदर्शन में जिले के विभिन्न विकासखंडों के हजारों शिक्षक शामिल हुए। अब शिक्षक 11 अप्रैल को ब्लॉक स्तर पर और 18 अप्रैल को राज्य स्तर पर प्रदर्शन करेंगे। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो स्कूलों में तालाबंदी कर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

ट्रायबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन, राज्य शिक्षक संघ, आजाद अध्यापक संघ, एनएमओपीएस आजक्स, लघु वेतन कर्मचारी संघ तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ नाटा कर्मचारी संघ आदि के नेतृत्व में संयुक्त मोर्चा के तहत शिक्षकों ने जिला स्तरीय प्रदर्शन में भाग लिया।

टीडब्ल्यूटीए के प्रदेश मीडिया प्रभारी / NMOPS संयुक्त मोर्चा ब्लॉक अध्यक्ष - मीडिया प्रभारी धार ने बताया कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) कानून लागू होने के बाद वर्ष 2010 से शिक्षकों की नियुक्ति में टीईटी अनिवार्य किया गया था। लेकिन हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को भी दो वर्षों के अंदर टीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया गया है! परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने वाले शिक्षकों को सेवा से पृथक करने को कहा गया है। बस इसी फैसले से शिक्षकों में भारी आक्रोश उत्पन्न हो गया है। 

शिक्षकों ने प्रदेश सरकार से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने सहित 2 मार्च को लोक शिक्षण संचालनालय और 26 मार्च को जनजातीय कार्य विभाग के जारी परीक्षा के आदेश को निरस्त करने की मांग की है। वहीं केंद्र सरकार से सेवारत शिक्षकों के पक्ष में अध्यादेश लाकर टीईटी से राहत देने की मांग की गई है। इसके अलावा प्रदेश के नवीन संवर्ग के शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देने की भी ज्ञापन में मांग की गई है।

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