भोपाल में गर्मी से परेशान 14 साल की लड़की ने सुसाइड कर लिया - क्लाइमेट चेंज

Updesh Awasthee
भोपाल समाचार, 28 अप्रैल 2026
: बात केवल भोपाल मध्य प्रदेश या भारत की नहीं है, अमेरिका तक में लोग क्लाइमेट चेंज को समझने के लिए तैयार नहीं है। बात आम नागरिकों की भी नहीं है, सरकारों में प्रमुख पदों पर बैठे हुए लोग भी क्लाइमेट चेंज के कारण बदल रही दुनिया को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। आज मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 14 साल की एक लड़की ने सुसाइड कर लिया, क्योंकि वह गर्मी से बहुत परेशान थी और इसके कारण मानसिक तनाव की स्थिति बन गई थी। यह किसी एक बच्चे या व्यक्ति के साथ नहीं हो रहा है, पूरी दुनिया में क्लाइमेट चेंज के कारण तनाव बढ़ता जा रहा है। 

Extreme Heat in Bhopal: 14-Year-Old Girl’s Suicide Raises Climate Change Questions

पुलिस के मुताबिक 14 वर्षीय काखी चौधरी एक निजी स्कूल में कक्षा नौंवी की छात्रा थी। उसके पिता की मौत हो चुकी है और उसकी मां अरेरा कॉलोनी 10 नंबर मार्केट में एक बुटीक पर काम करती हैं। परिवार चूनाभट्टी इलाके में रहता है। रविवार, 27 अप्रैल 2026 को दोपहर तीन बजे के आसपास भोपाल में भीषण गर्मी थी और अधिकतम तापमान 43.4°C दर्ज किया गया था। तेज धूप के कारण लू (Heatwave) जैसी स्थिति बनी रही। 15 से 25 किमी/घंटा की रफ्तार से गर्म हवाएं (लू) चल रही थीं। भोपाल में 16 अप्रैल से मौसम लगातार गर्म होता जा रहा है। घर पर 14 साल की लड़की और उसके बड़े भाई के बीच में, कूलर की ठंडी हवा के सामने सोने को लेकर बहस हो गई। भारतीय परिवारों में भाई बहन के बीच इस प्रकार की बहस आम बात है, जबकि कई बार तो यह आनंद की बात होती है लेकिन मौसम के कारण तनाव बढ़ता चला गया। कुछ देर बाद भाई बाल कटवाने के लिए घर से बाहर चला गया और जब वापस लौट कर आया तो बहन फांसी के फंदे पर झूल रही थी।

घटना के तुरंत बाद पड़ोसियों ने पुलिस की जानकरी। कुछ समय बाद ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पड़ोसियों की मदद से उसे फंदे से उतारकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। चूनाभट्ठी थाना प्रभारी धर्मेंद्र मौर्य ने बताया कि जांच के दौरान कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। घटना से पहले भाई-बहन के बीच सामान्य विवाद हुआ था। पुलिस स्वजनों के विस्तृत बयान दर्ज करेगी। 

लेकिन सबसे बड़ी प्रॉब्लम यह है कि...

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक दर्जन से ज्यादा रिसर्च रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि, क्लाइमेट चेंज के कारण न्यूनतम और अधिकतम तापमान बढ़ रहा है। इसके कारण मानसिक तनाव की स्थिति बढ़ रही है। लोगों में हिंसा की स्थिति बढ़ रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा भी बताया जा रहा है कि दुनिया के 100 सबसे ज्यादा गर्म शहरों की लिस्ट में 92 भारत के हैं। पूरा भारत गर्म हवाओं से घिरा हुआ है। लेकिन सबसे बड़ी प्रॉब्लम यह है कि पुलिस की पूछताछ में इस प्रकार के सवाल ही नहीं होंगे। डॉक्टर जब बॉडी का पोस्टमार्टम करेगा तो क्लाइमेट चेंज के कारण तनाव की स्थिति का पता ही नहीं चलेगा क्योंकि मेडिकल साइंस में ऐसी कोई विधि का आविष्कार ही नहीं हुआ है। 

प्रशासन ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता बरतने की अपील की है।
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