भोपाल, 24 अप्रैल 2026: हाइटेक सिटी कॉलोनी, गांधीनगर के रहने वाले दाऊद अहमद के घर की कुर्की कर ली गई है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश की आगरा पुलिस द्वारा की गई। आगरा पुलिस का कहना है कि, दाउद अहमद कनाडा में है, और वहीं से धर्मांतरण सिंडिकेट को फंडिंग करता है। कोर्ट ने उसे हाजिर होने का आदेश दिया था लेकिन वह कोर्ट के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ इसलिए संपत्ति कुर्क की गई है।
Bhopal: Property of ‘Dawood’ Attached Over Alleged Funding of Conversion Syndicate from Canada
आगरा पुलिस की टीम ने भोपाल के गांधी नगर थाना क्षेत्र स्थित रिलायबल हाइटेक सिटी कॉलोनी में आरोपी दाऊद अहमद के घर पर कार्रवाई की। इस दौरान स्थानीय पुलिस भी मौजूद रही। घर में मौजूद सामान को जब्त कर लिया गया और पूरी प्रक्रिया को बीएनएसएस की धारा 85 के तहत अंजाम दिया गया। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई केस नंबर 228/25 के तहत की गई है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराएं और धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धाराएं भी शामिल हैं।
कार्रवाई के समय दाऊद के पिता मौजूद थे
कुर्की की कार्रवाई के दौरान आरोपी के पिता जावेद मौके पर मौजूद थे। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए घर में मौजूद सामान को सूचीबद्ध कर जब्त किया। गांधी नगर थाना प्रभारी के अनुसार, यह कार्रवाई आगरा से आई पुलिस टीम और स्थानीय पुलिस के संयुक्त सहयोग से पूरी की गई।
मामला क्या है
जुलाई 2025 में आगरा के सदर क्षेत्र से दो सगी बहनें लापता हो गईं। पुलिस जांच में पता चला कि दोनों बहनें एक संगठित धर्मांतरण गिरोह के संपर्क में आई थीं। पुलिस ने दोनों बहनों को कोलकाता (कलकत्ता) से बरामद किया। इसी जांच से एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा हुआ, जिसमें दर्जनों लड़कियों को कथित तौर पर धर्मांतरण कराया गया था।
गिरोह का नेटवर्क
मास्टरमाइंड: अब्दुल रहमान (दिल्ली)।
अन्य प्रमुख सदस्य: आयशा (गोवा)।
गिरोह पर आरोप है कि यह लड़कियों को ट्रैप करके धर्मांतरण कराता था और पूरे देश में सक्रिय था।
अब तक 14 से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
गिरोह को कनाडा, UAE और अन्य देशों से फंडिंग मिलती थी।
भोपाल वाले दाऊद अहमद की भूमिका
दाऊद अहमद भोपाल का मूल निवासी है, लेकिन कई साल से कनाडा में रह रहा है। वह इस गिरोह का फंडिंग मास्टरमाइंड (विदेशी फंडिंग का सरगना) बताया जाता है। कनाडा से पैसे भेजकर पूरे रैकेट को चलाने में मदद करता था। पुलिस ने उसके खिलाफ अप्रैल 2026 में, आगरा के सदर बाजार थाने में एक नई FIR, BNS धारा 209 और अन्य धाराओं (धर्मांतरण विरोधी कानून सहित) के तहत दर्ज की है। वह फरार है। कोर्ट के समन के बावजूद पेश नहीं हुआ। आगरा पुलिस भोपाल में उसकी तलाश कर चुकी है, लेकिन वह पकड़ा नहीं गया।

.webp)