भोपाल, 6 अप्रैल 2026: भोपाल के इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट अब्बास अहमद ने दावा किया है कि, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित भिंड, मुरैना, दतिया, ग्वालियर, शिवपुरी, सागर और गुना में स्वर्ण आभूषणों पर नकली हॉल मार्किंग की जा रही है। जिस आभूषण पर 20 कैरेट का हॉलमार्क है, चेक करने में वह 14 कैरेट का निकला। दैनिक भास्कर ने इस इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट को कवर पेज पर प्रकाशित किया है।
पत्रकार श्री अब्बास अहमद के मित्र श्री शाहिद खान ने 20 कैरेट के जेवर बनवाए थे। जब जांच कराई तो उनकी झुमकी 2.68 कैरेट निकली। इसमें सोना 52.83% पाया गया, जबकि 20 कैरेट में करीब 91% होना चाहिए। इसके बाद इन्वेस्टिगेशन शुरू हुई। मध्य प्रदेश के सात जिलों (भोपाल, सागर, गुना, ग्वालियर (डबरा), दतिया, भिंड और मुरैना) में स्वर्ण आभूषण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पाई गई। जिस ज्वेलरी पर 22 कैरेट का हॉलमार्क था असल में वह 14 कैरेट की निकली। 20 कैरेट वाली ज्वेलरी 12 कैरेट की निकली। यह भी बताया गया है कि 100-200 रुपए देकर किसी भी ज्वेलरी पर 20-22 कैरेट का हॉलमार्क बनवाया जा सकता है।
इन्वेस्टिगेशन पूरी लेकिन रिपोर्ट अधूरी
इस खबर को कवर पेज की लीड स्टोरी बनाकर बड़ा खुलासा किया गया है लेकिन बड़ी ही चतुराई के साथ उन सभी अपराधियों को छुपा लिया गया, जो नकली हॉलमार्क का धंधा कर रहे हैं। उन दुकानदारों के नाम भी प्रकाशित नहीं किए गए, जिन्होंने 12-14 कैरेट गोल्ड वाली ज्वेलरी को नकली हॉलमार्क लगवा कर 2-22 कैरेट गोल्ड वाली ज्वेलरी बात कर बेच दिया। इन्वेस्टिगेशन को इन्वेस्टिगेशन तभी माना जा सकता है जब, इन्वेस्टिगेशन के दौरान सभी प्रकार के गवाह और सबूत, सभी पक्षों को खुलकर सामने रख दिया जाए। किसी का नाम बताना और किसी का छुपाना, खबर तो हो सकती है इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट नहीं हो सकती।
तनिष्क ज्वेलर्स पर खड़े हो जाओ ऐसे दर्जनों मामले मिल जाएंगे
यदि आप तनिष्क ज्वेलर्स पर खड़े हो जाए तो इस तरह के दर्जनों मामले रोज मिल जाएंगे। तनिष्क ज्वेलर्स पर गोल्ड की शुद्धता नापने की एक मशीन होती है। तनिष्क वाले इस मशीन का उपयोग करने के बदले में कोई फीस नहीं लेते और चेक करके बता देते हैं, आपकी ज्वेलरी में कितना कैरेट गोल्ड है। यदि आप प्रिंटेड रिपोर्ट चाहते हैं तो वह भी मिल जाती है।

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