आगरा मालवा, 3 मार्च 2026 : नलखेड़ा स्थित बगलामुखी माता के मंदिर से नायब तहसीलदार श्री अरुण चंद्रवंशी की चप्पल क्या चोरी हुई, बवाल मच गया। उन्होंने दो पटवारी को चप्पल ढूंढने के काम पर लगा दिया। फिर मंदिर मैनेजमेंट से सीसीटीवी वीडियो मांगा। चोर की पहचान की गई और उसको बुलाया गया। चप्पल वापस भी मिल गई, लेकिन नायब तहसीलदार साहब ने TI साहब को चिट्ठी लिखी है कि मामला भी दर्ज करो। मंदिर से चप्पल चोरी होना एक गंभीर अपराध है।
Slippers of Tehsildar Stolen at Temple, Two Patwaris Assigned to Locate Them
यह घटना सोमवार को प्रसिद्ध बगलामुखी मंदिर में उस समय हुई जब नायब तहसीलदार श्री अरुण चंद्रवंशी दर्शन करने पहुंचे थे। दर्शन के बाद लौटने पर नायब तहसीलदार को अपनी चप्पलें गायब मिलीं। उन्होंने तुरंत मंदिर प्रबंधन से सीसीटीवी फुटेज की जांच करवाई। फुटेज में एक व्यक्ति चप्पल ले जाते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दिया, जिसकी पहचान भी कर ली गई। पूछताछ में उस व्यक्ति ने चप्पल ले जाने की बात स्वीकार कर ली। इस घटना के बाद नायब तहसीलदार ने मंदिर परिसर में चप्पलों सहित अन्य सामान की चोरी की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने चप्पल चोर के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा की धारा 170 एवं 126 के अंतर्गत कार्रवाई करने की मांग करते हुए पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी को एक लिखित शिकायत पत्र भेजा।
श्री चंद्रवंशी ने पुलिस को लिखे पत्र में यह भी बताया है कि, जब उनकी चप्पल चोरी हुई तो उन्होंने पटवारी श्री रामपाल सिंह तोमर और अविनाश शर्मा को भी ढूंढने के काम पर लगाया लेकिन उनको भी नहीं मिली। इतना ही नहीं श्री चंद्रवंशी ने अपने पत्र में पुलिस को यह भी बताया कि आरोपी पवन पुत्र प्रेम नारायण निवासी अयोध्या बस्ती नलखेड़ा मंदिर में रजिस्टर्ड पुजारी नहीं है फिर भी हवन करने को लेकर एवं लेनदेन में सक्रिय रहता है।
कुल मिलाकर नायाब तहसीलदार साहब की चप्पल चोरी हुई तो उन्होंने केवल अपनी चप्पल नहीं ढूंढी बल्कि इतनी देर में मंदिर में चल रहे घोटाला का भी पता लगा लिया।
इस घटना ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि यदि प्रशासन चाहे तो कोई मंदिर से एक चप्पल भी नहीं चुरा सकता।

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