शिक्षक अब रसोई गैस की शिकायतें दर्ज करेंगे, जनता का गुस्सा सहन करेंगे, कंट्रोल रूम में ड्यूटी

Updesh Awasthee
भोपाल समाचार, 14 मार्च 2026
: भारत के विभिन्न राज्यों में शिक्षक ऑलराउंडर हैं। कुत्ते भगाने से लेकर वोट डलवाने तक सारे काम शिक्षकों से करवाए जा रहे हैं। अब इस लिस्ट में एक और काम बढ़ गया। रसोई गैस को लेकर जो तनाव की स्थिति बनी है, प्रशासन ने जनता का आक्रोश सहन करने के लिए कंट्रोल रूम बना दिया है और इस कंट्रोल रूम में शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई है। मतलब अब फोन आते ही शिक्षक कहेंगे, क्षमा कीजिए आपको रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग करने में परेशानी आ रही है....। 

Government Teachers Assigned to Handle LPG Complaints in Control Rooms, Asked to Face Public Anger

यह कमाल का आदेश, राजस्थान राज्य के हनुमानगढ़ जिले के एक प्रमुख शहर और और उप-जिला (तहसील) रावतसर में कार्यालय उपखंड अधिकारी एवं उपखंड मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किया गया है। इसमें बताया गया है कि देशव्यापी एलपीजी गैस आपूर्ति श्रृंखला में आ रहे व्यवधान के समाचारों के दृष्टिगत, उपखण्ड क्षेत्र रावतसर में भविष्य में गैस की संभावित कमी के कारण आमजन को होने वाली असुविधा के दृष्टिगत प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु कार्यालय तहसीलदार रावतसर में एलपीजी निगरानी एवं समन्वय केन्द्र (कंट्रोल रूम) तत्काल प्रभाव से स्थापित किया जाकर निम्न कार्मिकों को नियुक्त कर आदेशित किया जाता है कि वे दिनांक 14.03.2026 से निर्धारित दायित्व पर उपस्थित होना सुनिश्चित करें। 

इस आदेश के तहत तीन शिक्षकों को नियुक्त किया गया है जो सुबह 6:00 बजे से रात 6:00 बजे तक तीन पारियों में ड्यूटी करेंगे। यहां तक तो फिर भी ठीक था लेकिन आगे की जानकारी पढ़कर आप माथा पीट लेंगे, उपखंड अधिकारी एवं उपखंड मजिस्ट्रेट द्वारा शिक्षकों के व्यक्तिगत मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक कर दिए गए हैं।

नोट:- यह आदेश शिक्षकों के बीच वायरल हो रहा है और मध्य प्रदेश के शिक्षकों द्वारा हमें भेजा गया है परंतु हम या ध्यान दिलाना चाहते हैं कि इस आदेश में दिनांक, प्राधिकारी के हस्ताक्षर और जावक नंबर नहीं है। इसका मतलब हुआ कि यह आदेश टाइप तो हुआ है परंतु हम विश्वास पूर्वक नहीं कह सकते कि पालन हेतु आदेश जारी किया गया है।

इसके बावजूद मामला प्रकाशन और प्रतिक्रिया के योग्य इसलिए है क्योंकि, कहीं कोई प्रशासनिक अधिकारी तो ऐसा है जो यह सोचता है कि, हर प्रकार के अतिरिक्त कामों में शिक्षकों का उपयोग किया जाए क्योंकि शिक्षक समुदाय, सरकार के ऊपर एक बोझ है।
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