तारीख थी 28 मार्च 2026 और स्थान मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले का खनियाधाना क्षेत्र। यह एक ग्रामीण क्षेत्र है। लोगों ने देखा अचानक धूल का एक बवंडर दिखाई दे रहा है। बिल्कुल फिल्मी स्टाइल में इस बवंडर से एक कार बाहर निकली। बहुत तेजी से दौड़ रही थी। इसके पीछे एक पुलिस की जीप निकली।
वह कार का पीछा कर रही थी। कफार गांव के पास कार अचानक एक पुलिया से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि सरकार आगे बढ़ाने की स्थिति में नहीं थी। इसमें से एक युवक निकाला और पैदल भागने लगा। शहरों में लोग ऐसी स्थिति में वीडियो बनाने लगते हैं लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ। गांव के लोगों ने युवक को चारों तरफ से घेर लिया। पीछे से उत्तर प्रदेश पुलिस की जीप आकर रुकी, गांव वालों ने यूपी पुलिस की जीप को भी घेर लिया और फिर स्थिति को समझने के लिए अपने थाने की पुलिस को बुलाया।
यह सीन पूरी तरीके से फिल्मी था और सिंघम जैसी फिर किसी फिल्म के लिए परफेक्ट बनता है लेकिन एक्चुअल में यह एक क्राइम स्टोरी है। युवक का नाम फहीम खान है। दतिया जिले के निचरौली गांव का रहने वाला है। हत्या की एक मामले में ग्वालियर सेंट्रल जेल में बंद है। पैरोल पर बाहर आया था और घटना के समय वह अपने माता-पिता और एक अन्य व्यक्ति के साथ दतिया से चंदेरी जा रहा था। उत्तर प्रदेश की झांसी पुलिस थाने में उसके खिलाफ डकैती और लूट का मामला दर्ज है। यूपी पुलिस को उसके मूवमेंट की भनक लग गई। इसलिए पुलिस उसका पीछा कर रही थी। फहीम खान को डर था कि, यूपी पुलिस गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश नहीं करेगी बल्कि एनकाउंटर कर देगी, इसलिए अप पुलिस को देखते ही वह तेजी से गाड़ी दौड़ने लगा और एक्सीडेंट का शिकार हो गया। खनियाधाना थाना पुलिस ने सभी पक्षों से बात करने के बाद युवक को झांसी पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस लोकल कोर्ट को सूचना दिए बिना ही युवक को लेकर चली गई।
खबर का सबक
यह घटना बताती है कि सतर्क रहना चाहिए और यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई देता है जो वीडियो बनाने के साथ-साथ उसकी घेराबंदी भी करनी चाहिए।
पुलिस पर भरोसा करना चाहिए लेकिन यदि कोई दूसरे थाने या राज्य की पुलिस है तो वेरीफाई भी करना चाहिए। इस काम के लिए लोकल पुलिस को बुलाना चाहिए।
सिर्फ सोशल मीडिया पर लाइक कमेंट शेयर करने से कुछ नहीं होता। जीवन में सतर्क और सक्रिय भी होना चाहिए।

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