4 साल पहले बंद विभाग में भर्ती के लिए विज्ञापन, गलती या घोटाले की साजिश

Updesh Awasthee
ग्वालियर, 6 मार्च 2026
: भ्रष्टाचार और घोटालों के तरीके बदल गए हैं। जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर द्वारा एक ऐसे डिपार्टमेंट में भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया, जो 4 साल पहले बंद हो चुका है। अब सोचते रहिए, यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने ऐसा क्यों किया। यह सिर्फ एक गलती है या फिर किसी गड़बड़ी की साजिश। 

JU GWALIOR: Recruitment Ad Issued for Department Closed 4 Years Ago: Error or Planned Scam?

ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय (जेयू) ने 14 विषयों में 40 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती का विज्ञापन निकाला है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के दो पद भी शामिल हैं। हैरानी की बात यह है कि मांग घटने और छात्रों की कमी के कारण एमएससी इलेक्ट्रॉनिक्स कोर्स करीब चार साल पहले ही बंद किया जा चुका है। फिजिक्स विभाग के एचओडी प्रो. डीसी गुप्ता ने पुष्टि की है कि छात्रों के न मिलने से यह विभाग बंद हो चुका है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब कोर्स ही अस्तित्व में नहीं है, तो ये प्रोफेसर किसे पढ़ाएंगे? 

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विभाग दोबारा शुरू नहीं करना था, तो इन पदों को अन्य विभागों में मर्ज किया जाना चाहिए था। 

हमारा कहना है कि यह गलती तो किसी भी हालत में नहीं है। अब केवल यह जानना बाकी है कि, इस प्रकार की वैकेंसी ओपन करने के पीछे उद्देश्य क्या है। यदि कोई निष्पक्ष सरकारी एजेंसी इस मामले की जांच नहीं करेगी तो यह मान लिया जाएगा कि, जीवाजी विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती घोटाला चल रहा है। 

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