उज्जैन, 16 मार्च 2026 : मध्य प्रदेश अब बीमारू से विकासशील राज्य बन गया है। इसलिए यहां सरकारी विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का नेक्स्ट लेवल दिखाई देने लगा है। उज्जैन सिंहस्थ कुंभ मेला के लिए बनाए जा रहे हैं उज्जैन इंदौर हाईवे पर सड़क के किनारे बन रहे ड्रेन में जो सरिया लगाया जा रहा है वह लोहे का नहीं है। एक वीडियो वायरल हुआ है और वीडियो बनाने वाले जागरूक नागरिक ने दावा किया है कि यह सरिया प्लास्टिक या प्लास्टिक जैसी किसी चीज का है जिसे हाथ से आसानी से तोड़ा जा सकता है।
मामले को रफा दफा करने की कोशिश शुरू
वीडियो वायरल होते ही इस मामले को रफा-दफा करने की कोशिश शुरू हो गई है। रविवार को एमपीआरडीसी के चीफ इंजीनियर, जनरल मैनेजर और ब्रिज एक्सपर्ट के साथ ही अथॉरिटी इंजीनियर और ठेकेदार भी साइट पर पहुंचे और सरियों का निरीक्षण किया। वापस लौट कर अधिकारियों ने पत्रकारों को बताया कि, जिनको प्लास्टिक का सरिया बोला जा रहा है असल में वह ग्लास फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीमर (जीएफआरपी) है, जोकि स्टील के सरियों से हल्का और मजबूत तो होता है। हालांकि, अधिकारी यह जवाब नहीं दे पाए कि, यदि लगाए जाने वाला कथित जीएफआरपी सरिया, स्टील के सरिया से मजबूत होता है तो वीडियो बनाने वाले ने सिर्फ एक हाथ से हल्का सा झटका देकर सरिया कैसे तोड़ दिया।
Next-Level Corruption in Madhya Pradesh? Plastic Rods Found Where Iron Was Expected
इस मामले में उठने वाले सवालों को दबाने के लिए अधिकारियों ने अपने एक मित्र पत्रकार के माध्यम से बयान जारी किया है कि प्रारंभिक जांच पूरी हो गई है, विस्तृत जांच के लिए कुछ सामग्री की टेस्टिंग की जाएगी। टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम निर्णय लेंगे।
सवाल अभी भी वही है, क्या प्रारंभिक जांच में सरिया को तोड़कर देखा गया। जब मामला सोशल मीडिया में वायरल हो गया था तो जांच करने गए अधिकारी अपने साथ मीडिया को क्यों नहीं ले गए, और सबसे बड़ा सवाल, उज्जैन जैसे शहर में एक आम नागरिक भ्रष्टाचार का खुलासा कर रहा है, विपक्षी पार्टी के नेता क्या कर रहे हैं।
— Adhiraj Awasthi (@AdhirajOnline) March 16, 2026

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