भोपाल समाचार, 27 मार्च 2026: भूमध्य सागर की मध्य प्रदेश के किसानों से पता नहीं क्या दुश्मनी है, ऐसे समय पर बादल भेजता है जब बारिश की हर बूंद हानिकारक होती है। एक बार फिर यह अनचाहे बादल मध्य प्रदेश के आसमान पर आ गए हैं और मार्च महीने की क्लोजिंग तक परेशान करते रहेंगे। मौसम विभाग का कहना है कि कुछ जिलों में ओलावृष्टि भी होगी।
MP Weather Alert: Unseasonal Clouds Return, Hailstorm Likely Till March-End
दरअसल, भूमध्य सागर से पैदा होने वाले बादल सामान्य तौर पर हिमालय के उस पार ही रहते हैं लेकिन कई बार ऊंचाई पर होते हैं और शक्तिशाली भी होते हैं तब हिमालय से टकराकर मध्य भारत की तरफ मुड़ जाते हैं। मध्य प्रदेश में ऐसे बादलों को अनचाहे बादल, और इनसे होने वाली बारिश को बे-मौसम की बारिश कहा जाता है। कुछ मौसम के धुरंधर विद्वान वेस्टर्न डिस्टरबेंस से होने वाली बारिश को, फ्री मानसून की बारिश का रहे हैं, कृपया उन पर ध्यान मत दीजिए। तो बात ऐसी है कि, भूमध्य सागर से पैदा होने वाले बादल मध्य प्रदेश के आसमान पर आ चुके हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों ने सेटेलाइट पर चेक कर लिया है। न केवल बादलों की संख्या ज्यादा है बल्कि इनमें भारी मात्रा में पानी भी भरा हुआ है। इसका मतलब हुआ कि यह हवा के साथ उड़ने वाले बदल नहीं है। बादल गजरेंगे या नहीं गजरेंगे लेकिन बरसेंगे जरूर। इस तरह के बादलों को शहरी इलाके अच्छे नहीं लगता। यह सामान्य तौर पर जंगल और खेत में बरसते हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लियर-चंबल संभाग और बुंदेलखंड के इलाकों (जैसे टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना) के किसानों को विशेष रूप से सतर्क रहना पड़ेगा। फिलहाल जिले का नाम नहीं बताया जा सकता लेकिन बदमाश बादलों की जमावड़े से यह पाकिट और पर कहा जा सकता है कि 29 मार्च को मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि होगी।
दरअसल, बात ऐसी है कि, बादलों का एक गिरोह मध्य प्रदेश के आसमान पर आ चुका है और दूसरा 26 तारीख को रवाना हुआ है जिसके 28 तारीख की रात तक पहुंचाने की संभावना है। जब यह दोनों बदल आपस में टकराएंगे तब ओलावृष्टि और बारिश होगी।
पवन देव भी थोड़े से नाराज हैं। राजस्थान और उससे सटे मध्य प्रदेश के ऊपर आसमान में एक चक्रवात बना दिया है। यह चक्रवात पानी वाले बादलों को आकर्षित कर रहा है।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण नोट:
IMD ने किसानों को सलाह दी है कि वे 29 मार्च के आसपास होने वाली संभावित ओलावृष्टि को देखते हुए कटी हुई फसलों (जैसे गेहूं और चना) को सुरक्षित स्थानों पर रखें, क्योंकि यह 'अनसीजनल रेन' फसलों को नुकसान पहुँचा सकती है।
उपरोक्त समाचार निम्न जानकारी पर आधारित है (News Source)
- India Meteorological Department (IMD): राष्ट्रीय स्तर का बुलेटिन (internal.imd.gov.in)
- Regional Meteorological Centre (RMC) Nagpur: यह केंद्र विदर्भ, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के मौसम पर सीधी निगरानी रखता है।
- Meteorological Centre, Bhopal: मध्य प्रदेश के जिलों के सटीक पूर्वानुमान के लिए।

.webp)