भोपाल, 20 मार्च 2026 : मध्यप्रदेश में माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-2) एवं प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3) भर्ती के अभ्यर्थियों द्वारा पदों की संख्या में वृद्धि की मांग को लेकर 24 मार्च 2026 से राजधानी भोपाल में विशाल आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
Mass Protest Announced in Bhopal Over Demand for Post Increase in MP Teacher Recruitment
अभ्यर्थियों का कहना है कि दोनों भर्तियों में नाममात्र के पद घोषित किए गए हैं, जिससे बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थी चयन से वंचित रह गए हैं। इस मुद्दे को लेकर अभ्यर्थी पहले भी कई बार भोपाल में धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं। अब तक 17 नवम्बर 2025, 6 जनवरी, 13 जनवरी, 21 जनवरी, 30 जनवरी तथा 9-10 फरवरी को हजारों की संख्या में अभ्यर्थियों ने भोपाल पहुंचकर अपनी मांगों को सरकार के सामने रखा। 9-10 फरवरी को अभ्यर्थियों ने विरोध स्वरूप मुण्डन करवाकर तथा मार्कशीट का दहन कर अपनी पीड़ा व्यक्त की थी। इसके बावजूद अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
इसलिए विवश होकर हमें पुनः हमारे हक की लड़ाई हेतु 24 मार्च को हजारों की संख्या में भोपाल आना पड़ रहा है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश में शिक्षकों की भारी कमी होने के बावजूद भर्तियों में पदों की संख्या नाममात्र/ऊंट के मुंह में जीरे के समान रखी गई है। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में कुल 2,89,005 स्वीकृत शिक्षक पदों में से केवल 1,74,419 शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि लगभग 1,15,678 पद रिक्त हैं।
विधानसभा में यह भी बताया गया कि प्रदेश के 83,514 विद्यालयों में से 1,968 स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं, जबकि 46,417 विद्यालयों में केवल दो शिक्षक ही कार्यरत हैं। इतनी अधिक संख्या में पदों के रिक्त होने बाबजूद सरकार पर्याप्त पदों पर भर्ती नहीं निकाल रही है। ऐसे में अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि रिक्त पदों में पदवृद्धि की जाए तो शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा और योग्य युवाओं को अवसर मिलेगा।
अभ्यर्थियों ने सरकार से निम्न प्रमुख मांगें रखी हैं-
अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें :
1. म.प्र. शिक्षक भर्ती वर्ग-2 (माध्यमिक शिक्षक) में प्रत्येक विषय (विषय शिक्षक, खेल, संगीत, नृत्य, गायन एवं वादन) में कम से कम 3,000 पद अथवा संपूर्ण वर्ग-2 में न्यूनतम 10,000 पदों की तत्काल वृद्धि कर द्वितीय काउंसलिंग प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए।
2. म.प्र. प्राथमिक शिक्षक भर्ती (वर्ग-3) 2025 में पदों की संख्या बढ़ाकर न्यूनतम 25,000 पद किए जाएँ तथा द्वितीय काउंसलिंग प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।
3. प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2025 में घोषित 13,089 पदों में शामिल 3,200 विशेष शिक्षक पदों को प्राथमिक शिक्षक भर्ती से अलग कर विशेष शिक्षक भर्ती की अलग विज्ञप्ति जारी की जाए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि सरकार द्वारा शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 24 मार्च से भोपाल में शुरू होने वाला यह आंदोलन व्यापक और अनिश्चितकालीन रूप ले सकता है। रिपोर्ट - कपिल प्रजापति।

.webp)
.webp)