भिंड, 24 मार्च 2026 : आपने आज तक ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंच पति के बारे में सुना होगा। वह सरकारी मीटिंग में अपनी पत्नी की जगह उपस्थित हो जाते हैं। आज इसी परंपरा का एक नया एडिशन सामने आया है। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में, सरकारी कार्यक्रम में मंत्री की जगह मंत्री पुत्र को चीफ गेस्ट बना दिया। मंत्री पुत्र ने हितग्राहियों को प्रमाण पत्र बांटे।
Protocol Breach in Bhind? Minister’s Son Replaces Him at Government Programme
भिंड जिले के मेहगांव में मध्य प्रदेश सरकार के संकल्प से समाधान शिविर का आयोजन था। इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री राकेश शुक्ला को उपस्थित होना था परंतु उनकी जगह उनके पुत्र श्री आलोक शुक्ला कार्यक्रम में आ गए। अधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री की जगह उनके पुत्र को चीफ गेस्ट की कुर्सी पर बिठा दिया और कार्यक्रम का संचालन कर डाला। सार्वजनिक मंच से उन्होंने हितग्राहियों को योजनाओं के प्रमाण-पत्र बांटे। इसके अलावा गजब देखिए, शासन की ओर से प्रेस को दिए गए कार्यक्रम के प्रतिवेदन में श्री आलोक शुक्ला को जन्म प्रतिनिधि बताया गया है।
आलोक बोले- यह तो सामान्य बात है
इस पूरे विवाद और सरकारी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि की कुर्सी पर बैठने को लेकर आलोक शुक्ला ने इसे एक सामान्य स्थिति बताया है। उन्होंने कि कैबिनेट मीटिंग के कारण उनके पिता (मंत्री राकेश शुक्ला) कार्यक्रम में नहीं आ सके, इसलिए उन्हें आना पड़ा।
कांग्रेस के नेताओं ने औपचारिक विरोध किया
इस घटना का कांग्रेस के नेताओं ने औपचारिक विरोध किया है। मजे की बात यह कि कांग्रेस के नेता किसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग नहीं कर रहे हैं बल्कि इस विरोध के माध्यम से प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसा लग रहा है जैसे कलेक्टर यदि उनकी बात मान ले तो, उनको फिर ऐसे किसी कार्यक्रम से कोई आपत्ति नहीं होगी।

.webp)