भोपाल, 28 मार्च 2026: जनता जब सब कुछ सहन करने लगती है तो इस तरह की स्थिति बनती है। मध्य प्रदेश में पैदा होने वाली बिजली, मध्यप्रदेश की जनता को 7.05 रुपए प्रति यूनिट दी जाती है। सभी प्रकार के टैक्स लगाने के बाद मध्य प्रदेश की आम जनता के लिए एक यूनिट बिजली की कीमत लगभग ₹12 हो जाती है। जबकि वहीं बिजली दूसरे राज्यों और बड़े व्यापारियों को 3.81 रुपए प्रति यूनिट में दी जा रही है।
हमारी बिजली हमको महंगी, ऐसा क्यों
मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नया बिजली टैरिफ जारी किया है। इसमें औसतन 4.80% की बढ़ोतरी की गई है, जिससे प्रदेश के करीब 1.90 करोड़ उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़ेंगे। नए टैरिफ के अनुसार आम उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दर करीब 7.05 रुपए प्रति यूनिट तय की गई है। वहीं, आयोग के दस्तावेजों के मुताबिक दूसरे राज्यों को बिजली करीब 3.81 रुपए प्रति यूनिट की दर से दी जाएगी। यानी प्रदेश के उपभोक्ताओं के लिए दर दूसरे राज्यों के मुकाबले करीब 3 रुपए प्रति यूनिट ज्यादा है। 255 पेज के टैरिफ आदेश के पेज नंबर 76 में दी गई तालिका से यह अंतर साफ दिखाई देता है। इसमें बताया गया है कि राज्य में 10.198.02 मिलियन यूनिट बिजली सरप्लस है, जिसे कम दर पर बाहर बेचा जा रहा है।
मजे की बात देखी कि मध्य प्रदेश में मेंटेनेंस के नाम पर नियमित रूप से कटौती भी हो रही है। मतलब एक तरफ जनता की डिमांड पूरी नहीं कर रहे, दूसरी तरफ बिजली को सरप्लस बात कर दूसरों को बेच रहे हैं और वह भी आधी कीमत पर। यह सब कुछ इसलिए हो रहा है क्योंकि जनता सवाल नहीं करती, सहन करती है।

.webp)