मध्य प्रदेश के कलेक्टरों को चिट्ठी, 60 साल से कम उम्र के मजदूर को मरने मत देना

Updesh Awasthee
भोपाल, 6 मार्च 2026
:  मध्य प्रदेश शासन के अंतर्गत श्रम विभाग के सचिव श्री रघुराज माधव राजेंद्र ने दिनांक 2 फरवरी को मध्य प्रदेश के सभी कलेक्टरों को एक चिट्ठी लिखकर कहा है कि, अपने जिले में 60 साल से कम उम्र के मजदूरों की मौत की समीक्षा करें। उनका कहना है कि मध्य प्रदेश में मनुष्य की सामान्य औसत आयु 67 साल है। सभी कलेक्टर इस बात को सुनिश्चित करें कि, 60 साल से कम उम्र का कोई भी मजदूर, सामान्य मौत नहीं मरना चाहिए। दरअसल, इसके पीछे सरकार की कोई संवेदनशीलता नहीं है बल्कि एक कैलकुलेशन है जिसे सरकार के माथे पर चिंता की लकीरे बना दी है। यदि आपको नहीं पता तो चलिए मैं बताता हूं:- 

Letter Sent to Collectors Across Madhya Pradesh: Ensure No Worker Below 60 Dies Without Support

दरअसल, सरकार की चिंता संबल योजना को लेकर है। तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने वोट प्राप्त करने के लिए संबल योजना के तहत किसी भी मजदूर की सामान्य मृत्यु पर, उसके अस्तित्व को दो लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान कर दिया था। तब कैलकुलेशन कुछ और था, लेकिन पिछले 3 साल में स्थिति बदल गई है। 2023 में 48000, 2024 में 50000 लेकिन 2025 में 69000 मजदूरों की मौत हो गई। इनमें से 57000 सामान्य मौत है, जिनकी उम्र 60 वर्ष से कम है। इनको 1140 करोड़ रुपए मुआवजा देना पड़ा। सरकार के लिए यह बड़ी चिंता की बात है। इसलिए सरकार ने कलेक्टर को कुछ चिट्ठी लिखी है। अब देखना यह है कि इस चिट्ठी का क्या असर पड़ता है। क्या कलेक्टर मजदूरों के स्वास्थ्य का ख्याल रखेंगे, उनको अच्छा इलाज उपलब्ध करवाएंगे, मजदूरों के लिए एंबुलेंस, अस्पताल में स्पेशल वार्ड और स्पेशल डॉक्टर के इंतजाम में ढाई सौ करोड रुपए खर्च करेंगे या फिर उनकी मृत्यु का कारण सामान्य से असामान्य कर देंगे? 

देसी शराब से 9000 करोड़ कमाए, मजदूरों के मुआवजे में 1100 करोड़ खर्च हो गए

यह वाला गणित सबसे बड़ी प्रॉब्लम है। पिछले साल सरकार ने देसी शराब की बिक्री में रिकॉर्ड वृद्धि हासिल की। 20 लाख से ज्यादा मजदूरों को 22.21 करोड़ बल्क लीटर देसी शराब पिलाई गई। देसी शराब की उपलब्ध था उनके लिए काफी आसान कर दी गई है। नतीजा मजदूरों का इम्यूनिटी सिस्टम वीक होता चला जा रहा है। पहले बुखार आता था तो 3 दिन में ठीक हो जाता था, अब 7 दिन लगते हैं। मध्य प्रदेश में मनुष्य की औसत आयु 67 साल है। प्रदूषण और क्लाइमेट चेंज के कारण इसमें बदलाव भी हो गया होगा। अब सोचिए एक मजदूर, जिसको पौष्टिक भोजन नहीं मिलता। जो दिनभर प्रदूषण में काम करता है। जिसका वीकली हेल्थ चेकअप नहीं होता। जो अपनी इम्युनिटी बढ़ाने के लिए कुछ भी नहीं करता और हर रोज शराब पीता है, उसकी औसत आयु कितनी होगी?
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