जबलपुर, 21 मार्च 2026: मध्य प्रदेश का स्कूल शिक्षा विभाग, शिक्षा के स्तर के लिए नहीं बल्कि विवादों और घोटालों के लिए जाना जाता है। जबलपुर के पनागरविकासखंड में लगातार 7 साल तक अतिथि शिक्षक वेतन घोटाला चला रहा। कागजों में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति और उनके नाम वेतन अकाउंटेंट और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों के बीच में बांटा जाता रहा। इस कांड में अकाउंटेंट की पत्नी और दो बेटियां भी फंस गई, क्योंकि उनके बैंक अकाउंट में भी घोटाले का पैसा ट्रांसफर हुआ था।
अतिथि शिक्षकों के रिक्त पदों पर ऐसे खेल होता है
यह केवल घोटाला नहीं बल्कि मासूम विद्यार्थियों के साथ धोखाधड़ी भी है। दरअसल सरकारी स्कूल में नियमित शिक्षक की अनुपस्थिति पर अतिथि शिक्षक नियुक्त करने का प्रावधान है। स्कूल वाले, नियमित शिक्षक के स्थान पर अतिथि शिक्षक को नियुक्त करने की मांग तो करते थे परंतु अतिथि शिक्षक को नियुक्त नहीं करते थे। रजिस्टर में अपने परिवार के किसी सदस्य, यहां तक की स्कूल शिक्षा से रिटायर हुए शिक्षकों के नाम लिख दिए जाते थे। बच्चों को और ग्रामीण जनता को लगता था कि स्कूल में अतिथि शिक्षक नहीं है जबकि रजिस्टर में अतिथि शिक्षक की नियुक्ति हो चुकी होती थी और उनके खातों में वेतन ट्रांसफर होता था।
IFMS BHOPAL ने पकड़ा एक करोड़ से ज्यादा का घोटाला
MP Treasury/IFMS (मध्य प्रदेश कोष लेखा विभाग) भोपाल से जबलपुर कलेक्टर को इनपुट मिला कि स्कूल शिक्षा विभाग के पनागर ब्लाक में करोड़ों रुपए का घोटाला हुआ है, जिसमें कि अतिथि शिक्षकों के नाम पर 2018 से वेतन निकाला जा रहा है, जो कि उन लोगों को दिया जा रहा है, जो कि या तो रिटायर हो गए हैं, या फिर कभी नौकरी ही नहीं की हो। यह राशि अकाउंटेंट विजय कुमार भलावी के Login-Password से निकाली और फिर अलग-अलग खातों में जमा करवाई। कलेक्टर के निर्देश पर शिक्षा और लेखा विभाग की टीम गठित की और जब विजय कुमार सहित अन्य लोगों के बैंक खाते चेक किए, तो सभी के खातों में लाखों रुपए कट ट्रांजैक्शन पाया गया।
लालच में उलझे एकाउंटेंट ने पत्नी और दोनों बेटियों को भी फंसा दिया
शिक्षा विभाग में पदस्थ विजय कुमार के साथ-साथ उनकी पत्नी दो बेटी के खातों में कई लाख रुपए मिले। तीन पूर्व शिक्षा अधिकारी शैलबाला डोंगरे, त्रयंबक गणेश खरे और नरेंद्र तिवारी शामिल के नाम भी इस घोटाले मे सामने आए हैं, इसके अलावा जयंती भलावी, माधुरी भलावी, रागिनी भलावी, रानू भलावी, समीर कोष्ठा, माला कोष्ठा, अंकुश नेमा एवं पूर्व अतिथि शिक्षक सुचित्रा पटेल के बैंक खातों में राशि भेजी गई है, जो कि करीब 1 करोड़ 11 लाख रुपए हैं।
3-3 BEO, अकाउंटेंट की बातों में आ गए
जांच के दौरान यह भी पता चला कि विजय कुमार भलावी 2016 से पनागर ब्लाक में पदस्थ था। तभी से उसने यह घोटाला हर माह करना शुरू कर दिया था। 2018 से 2026 के बीच तीन शिक्षा अधिकारी पदस्थ रहे, जिनकी लागइन-पासवर्ड से यह राशि निकाली गई और बाद में फिर अलग-अलग 16 खातों में ट्रांसफर की गई।
बीईओ कार्यालय पनागर में पदस्थ अकाउंटेंट विजय कुमार भलावी ब्लॉक के शिक्षकों की सूची में फर्जी तरीके से ऐसे नाम जोड़ देता था, जो कि कहीं शिक्षक हैं ही नहीं। इसके बाद उनके नाम की सैलरी जब आती थी, तो उसे निकालकर अपने और पत्नी, दो बेटियों सहित अन्य साथियों के खातों में डाल लेता था। यह पूरा कारनामा वह बेहद शातिर तरीके से किया गया था, जिसकी विभाग में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी को भनक ही नहीं लगी। हाल ही में जब कोषलेखा विभाग भोपाल में राशि का मिलान नहीं हुआ तब मामला सामने आया और शिकायत कलेक्टर तक पहुंची।
बैंक खातों पर रोक लगाई
बताया जाता है कि घपले की सूचना मिलने के बाद कलेक्टर ने बीईओ कार्यालय के बैंक खातों पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही वर्ष 2016 से अभी तक के रिकॉर्ड भी बीईओ कार्यालय से मांगे गए हैं। विकासखंड शिक्षा अधिकारी सोनम कटारे ने पनागर थाने में प्रतिवेदन देते हुए बताया कि विकासखंड की पूर्व शिक्षा अधिकारी शैलबाला डोंगरे, त्रयंबक गणेश खरे, नरेंद्र कुमार तिवारी, सहायक ग्रेड विजय कुमार भलावी, शिक्षक गणेश प्रसाद शुक्ला, अनिल कुमार ने 2018 से 2025 के बीच कई फर्जी नाम जोड़े और बकायदा उनके खाते में वेतन का भुगतान भी किया गया।
16 खातों में रुपए हुए ट्रांसफर
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एकाउंटेंट विजय कुमार भलावी कई सालों से शिक्षकों की सूची में गड़बड़ी कर रहा था। वह शिक्षकों की सूची में किसी का भी नाम जोड़कर उन्हें शिक्षक बना देता था, और फिर उसके नाम की सैलरी ना सिर्फ अपने खाते बल्कि पत्नी और बेटियों के नाम पर ट्रांसफर करता था। अभी तक 16 खातों की पहचान हो गई है, जिसमें 1 करोड़ से अधिक शासकीय राशि भेजी गई है। विजय कुमार के 4, पत्नी और दो बेटियों के 1-1 खाते के अलावा रिटायर हो चुके शिक्षकों के खाते भी सामने आए हैं।
7-Year Guest Teacher Salary Scam Exposed in Jabalpur, Case Filed Against 14 Including 3 BEOs
विकासखंड शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर पनागर थाना पुलिस ने मास्टरमाइंड विजय कुमार भलावी सहित ब्लॉक एजुकेशन ऑफीसर शैलबाला डोंगरे, त्रयंबक गणेश खरे एवं नरेंद्र तिवारी; मास्टरमाइंड विजय कुमार की पत्नी और बेटियां- जयंती भलावी, माधुरी भलावी, रागिनी भलावी, रानू भलावी, समीर कोष्ठा, माला कोष्ठा, अंकुश नेमा, पूर्व अतिथि शिक्षक सुचित्रा पटेल के बैंक खातों में रुपए ट्रांसफर किए गए हैं, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
पनागर थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार का कहना है कि विजय कुमार ने बड़ी ही चालाकी से यह फर्जीवाड़ा किया है। विजय कुमार ने ऐसे लोगों के नाम पर भी वेतन निकाला था, जो कि या तो रिटायर हो चुके थे, या फिर कभी नौकरी ही नहीं की थी।

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