श्यामला ज्योतिष पीठ, भोपाल; 30 मार्च 2026: श्री राम भक्त हनुमान जी की जयंती यानी की जन्म दिवस आ रहा है। हम सब जानते हैं कि हनुमान जी का जन्म चैत्र मास की पूर्णिमा को हुआ था। डिबेट इस बात पर है कि, दिनांक के 1 अप्रैल को सुबह 7:00 बजे पूरे दिन और पूरी रात पूर्णिमा की तिथि है। तो फिर पंचांग में हनुमान जयंती का उत्सव 2 अप्रैल को मनाए जाने का निर्देश क्यों है। सवाल यह है कि हनुमान जयंती कब मानना है, 1 अप्रैल को या 2 अप्रैल को। मैं आपको बड़े ही सरल तरीके से और लॉजिक के साथ समझाऊंगा, शास्त्रों के अनुसार साल 2026 में हनुमान जयंती किस तारीख को और कितने बजे मानना चाहिए।
Hanuman Jayanti 2026 Date: Shastra-Based Tithi, Muhurat for Chola, Chalisa and Sunderkand
हनुमान जी का जन्म चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को मंगलवार के दिन हुआ था। इसलिए प्रत्येक सप्ताह का मंगलवार हनुमान जी को समर्पित होता है। कैलेंडर के अनुसार तिथि की गणना इस प्रकार है:-
- पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ - अप्रैल 01, 2026 को 07:06 एएम
- पूर्णिमा तिथि समाप्त - अप्रैल 02, 2026 को 07:41 एएम
इस प्रकार दिनांक 1 अप्रैल को सुबह 7:06 बजे से पूरे दिन और पूरी रात पूर्णिमा तिथि रहेगी, परंतु प्रॉब्लम यह है कि 1 अप्रैल का सूर्योदय सुबह 6:15 बजे के आसपास। यानी कि पूरे भारत में सूर्योदय के पश्चात ही पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होगी। जबकि दिनांक 2 अप्रैल को सुबह 6:05 बजे के आसपास जब सूर्योदय होगा, तब पूर्णिमा तिथि होगी। यानी की पूर्णिमा तिथि में सूर्य का उदय दिनांक 2 अप्रैल को ही होगा। वैष्णव परंपरा के अनुसार उदयातिथि का ही उत्सव मनाया जाता है। इस प्रकार हनुमान जयंती दिनांक 2 अप्रैल को मनाई जानी चाहिए।
अब कुछ लोग अभी भी कह सकते हैं कि, दिनांक 1 अप्रैल को सुबह से शाम तक पूर्णिमा तिथि रहेगी तो फिर शाम के समय सुंदरकांड का पाठ, शाम की आरती और भंडारा इत्यादि 1 अप्रैल को ही कर लेते हैं। इस प्रकार के विचार को उचित भी कहा जा सकता है। यह शास्त्रों के विरुद्ध नहीं है लेकिन आप बिना किसी डिबेट के मेरे स्टार के साथ सहमत हो जाएंगे कि, हनुमान जी का प्राकट्य, ब्रह्म मुहूर्त के समापन और सूर्य की पहली किरण के साथ हुआ था। पूर्णिमा तिथि में ब्रह्म मुहूर्त और सूर्य की पहली किरण केवल 2 अप्रैल को ही मिलता है। यानी कि हनुमान जयंती के अवसर पर हनुमान लला की पहली आरती दिनांक 2 अप्रैल को 6:15 बजे (आपके शहर में सूर्योदय के समय) होनी चाहिए। यही उचित भी है और उत्तम भी है।
हनुमान जयंती पर पट बंद करने का समय
हनुमान जयंती दिनांक 2 अप्रैल को दोपहर 01:57 से 03:30 बजे तक मंदिर के पट बंद रहना चाहिए। यदि कहीं श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ के कारण अथवा किसी अन्य कारण से मंदिर के पट बंद नहीं होते हैं, तो भी श्यामला ज्योतिष पीठ से जुड़े हुए श्रद्धालु इस अवधि के बीच में हनुमान जी के दर्शन नहीं करेंगे।
हनुमान जयंती 2026 पर चोला-चालीसा और सुंदरकांड का मुहूर्त
सुबह 11:18 am से 12:59 pm के बीच हनुमान जी के दर्शन करना, चोला चढ़ाना, भोग और वस्त्र अर्पित करना अथवा अन्य किसी भी प्रकार की विधि करने का सबसे उत्तम मुहूर्त है। इस अमृत काल कहा गया है। यदि सुंदरकांड का आयोजन करना है तो रात्रि में 9:30 बजे से 12:00 बजे मध्य रात्रि तक सुंदरकांड के लिए उत्तम एवं सर्वोत्तम समय है। मध्य रात्रि 1:50 तक श्रद्धालु मंदिर परिसर में रह सकते हैं। इसके बाद मंदिर परिसर छोड़ना होगा। यदि कोई भंडारा इत्यादि चल रहा है तो उसे बंद करना होगा। अन्य था वह आयोजन और ऐसे श्रद्धालु जिनको इस बात का ज्ञान है, के लिए अमंगल और हानिकारक रहेगा।
शोधकर्ता: ध्रुव ऋषि (तिथि एवं मुहूर्त विशेषज्ञ)।

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