भोपाल, 8 मार्च 2026 : भारतीय जनता पार्टी के विधायकों और मंत्रियों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अभ्यास वर्ग की आवश्यकता है। क्योंकि इनकी डिक्शनरी में कई सारे वायरस आ रहे हैं। घंटा और औकात के बाद अब गुना के सरकारी कार्यक्रम में भाजपा विधायक का विवादित बयान सामने आया है। उन्होंने गुना के कलेक्टर को टारगेट किया लेकिन उनके शब्द आपत्तिजनक थे। उन्होंने कहा, यहां साले हम मंदिर में खड़े हैं, हमे प्रसाद ही नहीं मिल रहा।
Guna MLA Pannalal Shakya’s Controversial Statement Sparks Debate
— Adhiraj Awasthi (@AdhirajOnline) March 8, 2026शनिवार को प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने गुना में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए बजट पर अपनी बात रखी। वह सरकार की संवेदनशीलता और विकास के एजेंडा को एक्सप्लोर कर रहे थे। इसी दौरान गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने मीडिया से बात की। "सिलेक्टेड और इलेक्टेड" के सवाल पर उन्होंने कहा कि सिलेक्टेड वो लोग हैं, जो सरकार के द्वारा कर्मचारियों, अधिकारियों की आयोजित परीक्षाएं होती हैं, उसको कहते हैं, सिलेक्टेड। और इलेक्टेड उन्हें कहते हैं जिन्हें जनता अपने मत से चुनती है। हाथ उठाकर नहीं, बाकायदा वोटिंग कर के।
क्या आपको ऐसा लगता है कि गुना में विकास हो रहा है
वर्तमान जो व्यवस्था है, वो इलेक्टेड व्यवस्था है। इलेक्टेड व्यवस्था के अधीन सिलेक्टेड लोग हैं। ये बात बिल्कुल सही है। वर्तमान में हम देख रहे हैं न... आप तो मरघट से उठाकर ले आओ, मरघट से जगा लाओ और उन्हें भोजन कराओ। यहां साले हम मंदिर में खड़े हैं, हमे प्रसाद ही नहीं मिल रहा। क्या है ये। कौन का संरक्षण है ऐसे लोगों को। क्या गुना के पास जो उपक्रम बने हुए हैं, वो लोकहित के हैं क्या, जनहित के हैं क्या? उनसे ऐसा लगता है क्या कि विकास हो रहा है।

