भोपाल, 5 मार्च 2026: Flipkart Internet Private Limited को भोपाल के कंज्यूमर फोरम द्वारा सेवा में कमी का दोषी घोषित करते हुए, ग्राहक को हर्जाना देने का आदेश दिया है। मामला एक ऑनलाइन ऑर्डर का है। कंपनी ने डिलीवरी नहीं की, और पैसे भी वापस नहीं किए। इतना ही नहीं उपभोक्ता आयोग में दलील दी कि डिलीवरी करना हमारी जिम्मेदारी नहीं है। भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग ने ऐसे मामले में ई कामर्स कंपनी फ्लिपकार्ट को दोगुना भुगतान करने का आदेश दिया है।
स्प्रिंग वैली वाली रुचि सिंह सिसोदिया का मामला
भोपाल में कटारा हिल्स के स्प्रिंग वैली निवासी रुचि सिंह सिसोदिया ने 10 अगस्त 2023 को 12 हजार रुपये का एक चूड़ा फ्लिपकार्ट के माध्यम से ऑनलाइन बुक किया था। उसका एडवांस पेमेंट कर दिया गया। कंपनी ने 22 अगस्त 2023 तक उसकी डिलिवरी डेट बताई थी। निर्धारित तिथि के 15 दिन बाद तक सामान नहीं पहुंचा तो उपभोक्ता ने लॉजिस्टिक कूरियर कंपनी से संपर्क किया। वहां उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। फ्लिपकार्ट ने कोई सपोर्ट नहीं किया। कंपनी ने उनको दिया जा चुका रुपया भी वापस नहीं लौटाया।
फ्लिपकार्ट ने कहा: डिलीवरी के लिए हम जिम्मेदार नहीं है
2024 में उन्होंने फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड और इनोवेट लाइफस्टाइल प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान फ्लिपकार्ट की ओर से कहा गया कि वह केवल एक ऑनलाइन प्लेटफार्म है, जो खरीददार को विक्रेता से जोड़ने का काम करता है। उत्पाद की डिलीवरी संबंधित कंपनी के माध्यम से कराई जाती है, इसलिए डिलीवरी में हुई देरी के लिए संबंधित विक्रेता कंपनी जिम्मेदार है।
कंज्यूमर फोरम ने फ्लिपकार्ट को सेवा में कमी का दोषी पाया
उपभोक्ता आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद स्पष्ट किया कि ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म उपभोक्ताओं के प्रति जवाबदेही से बच नहीं सकता। उपभोक्ता आयोग ने सेवा में कमी मानते हुए कंपनी को इस मामले में कड़ी फटकार लगाई और आदेश दिया कि दो माह के भीतर उपभोक्ता को 25 हजार रुपये का भुगतान करे।

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